चीन में पहले कोरोना वायरस टीके को मंजूरी, Sinopharm की वैक्‍सीन 79.3 प्रतिशत प्रभावी

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पेइचिंग
अमेरिका और ब्रिटेन में कोरोना टीके को मंजूरी के बाद अब चीन ने अपनी सरकारी कंपनी ‘सिनोफार्म’ के कोरोना वायरस के टीके को सशर्त मंजूरी दे दी है। चीन में कोविड-19 के किसी भी टीके को मिली यह पहली मंजूरी है। चीन के चिकित्सा उत्पादन प्रशासन के उपायुक्त चेन शिफेई ने गुरुवार को बताया कि यह निर्णय बुधवार रात लिया गया। ‘पेइचिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रॉडक्ट्स’ के इस टीके की दो खुराक दी जाएगी।

यह सरकार द्वारा संचालित ‘सिनोफार्म’की सहायक कम्पनी है। दवा कम्पनी ने बुधवार को कहा था कि उसका टीका जांच के अंतिम चरण के प्रारंभिक नतीजों के अनुसार, संक्रमण से बचाव में 79.3 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है। सरकार द्वारा संचालित दवा कम्पनी ‘सिनोफार्म’ उन पांच चीनी कम्पनियों में शुमार है, जो टीका बनाने की वैश्विक दौड़ में शामिल है। कोविड-19 से विश्वभर में अभी तक 18 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

दुनिया को चीन की वैक्‍सीन पर भरोसा नहीं हो रहा
चीन ने अपने टीके को भले ही मंजूरी दे दी हो लेकिन दुनिया को उस पर भरोसा नहीं हो रहा है। वुहान से पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस को लेकर चीन ने ऐसा भरोसा खोया है कि पूरी दुनिया में उसे अपनी कोविड-19 वैक्‍सीन के लिए खरीदार तलाशने में नाको चने चबाने पड़ रहे हैं। आलम यह है कि उसका आयरन ब्रदर पाकिस्‍तान अपने देश में चीनी कोरोना वैक्‍सीन का ट्रायल तो जरूर करा रहा है लेकिन पाकिस्‍तानी जनता को इस वैक्‍सीन पर भरोसा नहीं हो रहा है। वह भी तब जब चीन ने कंगाल पाकिस्‍तान में 70 अरब डॉलर का निवेश कर रखा है।

चीन की कोरोना वैक्‍सीन को लेकर पाकिस्‍तान, इंडोनेशिया, ब्राजील समेत कई विकासशील देशों में जनता के बीच सर्वेक्षण कराया गया और अधिकारियों से उनकी राय जानी गई। इसमें यही खुलासा हुआ है कि चीन अपनी कोरोना वैक्‍सीन को लेकर करोड़ों को आश्‍वस्‍त करने में असफल रहा है जिन्‍होंने पहले उस पर भरोसा किया था। पाकिस्‍तान के कराची शहर के मोटरसाइकल ड्राइवर फरमान अली ने कहा, ‘मैं चीनी वैक्‍सीन नहीं लगवाऊंगा। मुझे इस वैक्‍सीन पर भरोसा नहीं है।’

भरोसे के संकट से जूझ रही है चीन की कोरोना वैक्‍सीन
यह अविश्‍वास और दर्जनों गरीब देशों के चीन पर निर्भरता से दुनिया के समक्ष एक बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो सकता है। वह भी तब जब उस देश के नागरिकों को यह महसूस हो कि चीन ने जो कोरोना वायरस वैक्‍सीन दी है, वह घटिया है। चीन की कोरोना वायरस वैक्‍सीन चीन को गरीब देशों को साधने में बड़ी राजनयिक बढ़त दिलवा सकता है जिनको पश्चिमी देशों की ओर से विकसित कोरोना वैक्‍सीन नहीं म‍िल पा रहा है।



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