YearEnder2020: कोरोना ही नहीं 2020 में दुनियाभर में इन खबरों का भी बजा डंका

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साल 2020 में जहां लोगों कि जुबां पर कोरोना वायरस का नाम छाया रहा वहीं, इस बीच कई और खबरें भी रहीं जिन्होंने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा। अमेरिका को जहां अपना नया राष्ट्रपति मिला तो वहीं, इस्राइल मध्य एशिया के देशों के साथ धीरे-धीरे अपने रिश्ते की नई शुरूआत कर रहा है। 2020 में दुनिया में एक तरफ जंग छिड़ी तो दूसरी तरफ बरसों पुरानी लड़ाई को खत्म करने के लिए अमेरिका और तालिबान अफगानिस्तान में नई इबारत लिखने साथ आए। क्या रहीं दुनिया की 10 बड़ी खबरें आइए एक नजर डालें:

साल 2020 में दुनियाभर में चर्चा ही कोरोना वायरस की लेकिन इस बीच दुनियाभर में घटी कुछ घटनाओं ने लोगों की बीच चर्चा का विषय रहीं। देखिए ईयरएंडर 2020 में किन खबरों ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरीं।

YearEnder2020: कोरोना ही नहीं 2020 में दुनियाभर में इन खबरों का भी बजा डंका

साल 2020 में जहां लोगों कि जुबां पर कोरोना वायरस का नाम छाया रहा वहीं, इस बीच कई और खबरें भी रहीं जिन्होंने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा। अमेरिका को जहां अपना नया राष्ट्रपति मिला तो वहीं, इस्राइल मध्य एशिया के देशों के साथ धीरे-धीरे अपने रिश्ते की नई शुरूआत कर रहा है। 2020 में दुनिया में एक तरफ जंग छिड़ी तो दूसरी तरफ बरसों पुरानी लड़ाई को खत्म करने के लिए अमेरिका और तालिबान अफगानिस्तान में नई इबारत लिखने साथ आए। क्या रहीं दुनिया की 10 बड़ी खबरें आइए एक नजर डालें:

​पहली बार दुनिया ने देखी वैक्सीन की रेस
​पहली बार दुनिया ने देखी वैक्सीन की रेस

कोरोना महामारी के खात्मे के लिए दुनिया में रेस छिड़ी वैक्सीन बनाने की। अमेरिका, ब्रिटेन, रूस जैसे बड़े देशों के संस्थान इसमें आगे रहे। रूस ने अपनी वैक्सीन स्पुतनिक V कोरोना वॉरियर्स को देना शुरू कर दिया है। फाइजर कंपनी का पहला टीका ब्रिटेन में 90 साल की दादी मार्गेट कीनन को लगाया गया। भारत भी इस रेस में पीछे नहीं। कई स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल यहां आखिरी चरण में है। सीरम इंस्टिट्यूट ऑक्सफर्ड के साथ मिलकर वैक्सीन उत्पादन में लगा है। भारत और ब्रिटेन जल्द ही इस टीके को मंजूरी दे सकते हैं।

​कमला-बाइडन की जीत, ट्रंप पर चला महाभियोग
​कमला-बाइडन की जीत, ट्रंप पर चला महाभियोग

जो बाइडन और कमला हैरिस की जोड़ी ने अमेरिका के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की। इस जीत ने कई रेकॉर्ड कायम किए। भारतवंशी कमला हैरिस उपराष्ट्रपति पद पर चुनी जाने वालीं पहली महिला, पहली अश्वेत अमेरिकी और पहली एशियाई अमेरिकी बन गईं। वहीं, 78 साल के बाइडन सबसे उम्रदराज अमेरिकी राष्ट्रपति बनने का रेकॉर्ड बनाएंगे। इसी साल राष्ट्रपति ट्रंप पर महाभियोग भी चलाया गया। वह अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति रहे जिन पर यह कार्रवाई हुई। इससे पहले 1868 में ऐंड्रयू जॉनसन और 1998 में बिल क्लिंटन के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हुई थी। दोनों ही राष्ट्रपति अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे थे।

​नारा गूंजा- ब्लैक लाइव्स मैटर
​नारा गूंजा- ब्लैक लाइव्स मैटर

अमेरिका में अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की निर्मम हत्या ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। पुलिस के घुटनों के नीचे दबे जॉर्ज की तस्वीरों ने अश्वेतों को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होने को मजबूर कर दिया। अमेरिका से उठी ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ की आवाज कई देशों में सुनी गई। अमेरिका में प्रदर्शन हुए तो राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट ने किया, ‘लूटपाट हुई तो गोली मारना शुरू कर देंगे।’ लोगों ने वाइट हाउस का घेराव किया तो कई राज्यों में आपातकाल लगा। लोग सेना से भी भिड़ गए। वाइट हाउस के पास की सड़कों पर ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ का नारा लिख दिया गया।

​चीन का हॉन्ग कॉन्ग पर वार
​चीन का हॉन्ग कॉन्ग पर वार

हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र की लहर को दबाने के लिए चीन एक नया कानून ले आया। इस नए सुरक्षा कानून के तहत चीन, हॉन्ग कॉन्ग के किसी भी शख्स को अपराधी करार दे सकता है। वहां ना तो चीन का कोई विरोध कर सकेगा ना ही उसके खिलाफ कोई प्रदर्शन कर सकेगा। चीन हॉन्ग कॉन्ग में नया नैशनल सिक्योरिटी ऑफिस बनाएगा। ये ऑफिस खुफिया जानकारी इकट्ठा करेगा। इस कानून के तहत चीन ने हॉन्ग कॉन्ग के मीडिया कारोबारी जिमी लाई को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, उन्हें बाद में जमानत मिल गई थी।

​अमेरिका-तालिबान की ऐतिहासिक डील
​अमेरिका-तालिबान की ऐतिहासिक डील

अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को वापस लाना ट्रंप के साल 2016 के चुनावी वादों में शामिल था। इसी के चलते अमेरिका ने तालिबान से ऐतिहासिक शांति समझौता किया। सैनिकों की वापसी के अलावा इस समझौते के तहत तालिबान और अफगान सरकार के बीच भी वार्ता होनी है। पाकिस्तान इस मौके को भुनाने में लगा हुआ है। तालिबान के शीर्ष नेता कई बार वहां के विदेश मंत्री और पीएम के साथ बैठक कर चुके हैं। भारत भी इस डील पर अपनी निगाह बनाए हुए है। भारत को शक है कि पाकिस्तान इस डील का फायदा उठाकर आतंक के पैर जमाना चाहता है।

​आर्मेनिया-अजरबैजान फिर भिड़ गए
​आर्मेनिया-अजरबैजान फिर भिड़ गए

करीब दो दशक बाद आर्मेनिया और अजरबैजान एकबार फिर भिड़ गए। लड़ाई हुई विवादित इलाके नागोर्नो-काराबाख को लेकर। इस इलाके को अजरबैजान अपना कहता है, हालांकि 1994 में लड़ाई के बाद से यहां आर्मेनिया का कब्जा है। अजरबैजान का दोस्त तुर्की भी इस लड़ाई में कूद पड़ा। हालांकि, अमेरिका और रूस की मदद से इस युद्ध को रोका गया लेकिन कई सवाल भी उठे। युद्ध की खासबात यह रही कि विशाल तोपों और टैंक के आगे मानवरहित हथियारबंद ड्रोन भारी पड़े। सैन्य विशेषज्ञ अब इसे दुनिया का पहला ‘ड्रोन-युद्ध’ बताने लगे हैं।

​यूरोपीय संघ से जुदा हुआ ब्रिटेन
​यूरोपीय संघ से जुदा हुआ ब्रिटेन

31 जनवरी 2020 को इतिहास में ब्रिटेन के यूरोपीय संघ (ईयू) से अलग होने के दिन के तौर पर याद किया जाएगा। जून 2016 में हुए जनमत संग्रह में ईयू से अलग होने के फैसले को अंजाम तक पहुंचाते हुए ब्रिटेन की सरकार ने ब्रेग्जिट को मंजूरी दे दी थी। इस दिन ब्रिटेन और ईयू एक दूसरे को अलग होने के लिए 11 महीने का समय देने के लिए तैयार हुए थे। ब्रेग्जिट ने 1973 में बनी साझेदारी को तोड़ दिया। तब ब्रिटेन ने यूरोपीय आर्थिक कम्युनिटी से हाथ मिलाया था।

​सबसे बड़े ब्लास्ट से दहला बेरूत
​सबसे बड़े ब्लास्ट से दहला बेरूत

इस साल चार अगस्त को लेबनान की राजधानी बेरूत एक बड़े धमाके से दहल गई। इमारतें ध्वस्त हो गईं और करीब 220 लोगों की जान चली गई। यह धमाका गैर-परमाणु वाला सबसे शक्तिशाली धमाका था। विस्फोट से राजधानी बेरूत तहस-नहस हो गई थी। बंदरगाह पर रखे अमोनियम नाइट्रेट में यह विस्फोट हुआ था। पूरा इलाका रिहायशी इमारतों से घिरा हुआ था। कार्यकारी प्रधानमंत्री हसन दियाब समेत उनकी पूरी कैबिनेट ने अपना इस्तीफा दे दिया था। सुरक्षा अधिकारियों ने इस विस्फोटक सामग्री से बड़े नुकसान की जानकारी पहले ही दे दी थी।

​इस्राइल से अरब देशों का रिश्ता जुड़ा
​इस्राइल से अरब देशों का रिश्ता जुड़ा

इस साल अगस्त और सितंबर में यूएई और बहरीन ने इस्राइल के साथ रिश्ते सामान्य करने की घोषणा की। ये पहले अरब देश हैं जिन्होंने पिछले 25 सालों में यहूदी देश इस्राइल के साथ रिश्तों को मान्यता दी। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया। इससे पहले मिस्र ने 1979 में और जॉर्डन ने 1994 में इस्राइल को मान्यता दी थी। सऊदी भी इस्राइल संग अपने रिश्तों में नरमी लाता दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चुपके से नेतन्याहू सऊदी अरब पहुंचे थे और शहजादे सलमान से मिले थे लेकिन आधिकारिक तौर पर दोनों इस पर कुछ भी कहने से बचते रहे।

​ईरानी कमांडर सुलेमानी की हत्या
​ईरानी कमांडर सुलेमानी की हत्या

अमेरिका ने ईरान की कुद्स फोर्स के कमांडर सुलेमानी को आतंकी घोषित किया और 3 जनवरी को ड्रोन से हमला कर उनकी हत्या कर दी। अमेरिका के इस कदम के बाद ईरान में भारी प्रदर्शन हुए। सुलेमानी की अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। ईरान ने अमेरिका से कड़ा बदला लेने की ऐलान कर दिया। 7 जनवरी को ईरानी सेना ने इराक में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल दागीं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने 110 जवानों के घायल होने की बात कही। इसके बाद विवाद धीरे-धीरे थम गया।

​राजपाठ छोड़ चले प्रिंस हैरी
​राजपाठ छोड़ चले प्रिंस हैरी

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के पोते प्रिंस हैरी और उनकी पत्नी मेगन मर्केल इस साल शाही परिवार की वरिष्ठ सदस्यता से अलग हो गए। हैरी और मेगन का कहना है कि दोनों ने ये फैसला कई महीनों की बातचीत के बाद लिया। दोनों शाही उपाधि ‘हिज रॉयल हाइनेस’ और ‘हर रॉयल हाइनेस’ का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। हैरी, राजकुमार और ब्रिटिश शाही गद्दी के छठे वारिस बने रहेंगे। महारानी ने अपने बयान में कहा था कि हैरी, मेगन और उनके बेटे अर्ची हमेशा मेरे परिवार के प्रिय सदस्य बने रहेंगे।



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