फ्रांस-अमेरिका से भिड़े तुर्की की अर्थव्यवस्था गर्त में, एर्दोगन बोले- बुरी शक्तियों से देश को बचाएंगे

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अंकारा
फ्रांस और अमेरिका से खुलेआम पंगा लेना तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोगन को भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका के नए प्रतिबंधों के कारण तुर्की की अर्थव्यवस्था गर्त में जाती दिखाई दे रही है। उधर राष्ट्रपति एर्दोगन ने ऐलान किया है कि वे हर हाल में बुरी शक्तियों से अपनी देश की अर्थव्यवस्था को उबारेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ब्याज दरों, मुद्रास्फीति और विनिमय दरों में संरचनात्मक सुधार लाने के लिए नए साल में कई परिवर्तन भी भी किया जाएंगे।

एर्दोगन के वादे पर लोगों को संदेह
तुर्की के राष्ट्रपति ने पिछले महीने ही न्यायिक और आर्थिक सुधारों का वादा किया था। उनके इस वादे के बाद से यह अंदेशा जताया जा रहा था कि जल्द ही तुर्की की जेलों में बंद कुर्द और दूसरे राजनेताओं को रिहा कर दिया जाएगा। हालांकि, कई विशेषज्ञों ने एर्दोगन के इस वादे पर संदेह जताया है। बता दें कि दो साल पहले तुर्की में हुए असफल तख्तापलट की कोशिश करने के आरोप में एर्दोगन ने अपने कई विरोधी राजनेताओं को जेल में डाल दिया था।

लोकतांत्रिक, आर्थिक सुधारों का साल होगा 2021
अंकारा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एर्दोगन ने कहा कि नया साल यानी 2021 लोकतांत्रिक और आर्थिक सुधारों का वर्ष होगा। संसद में इन सुधारों को पेश करने के लिए भी जल्द से जल्द प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम जल्द से जल्द आर्थिक सुधारों और महामारी से पैदा हुई परेशानियों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ब्याज दरों को सभी बुराईयों की मां कहा है।

अमेरिकी पाबंदियों से तुर्की की अर्थव्यवस्था संकट में
अमेरिका की पाबंदियों के कारण तुर्की की अर्थव्यवस्था इन दिनों संकट से गुजर रही है। सोमवार को ही आर्थिक प्रतिबंध लगाने की अमेरिका की चेतावनी के बाद तुर्की की मुद्रा लीरा रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई। तुर्की अमेरिका की अगुवाई वाले सैन्य संगठन नाटो का हिस्सा है। उसने रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की खरीद की है। तुर्की ने इस प्रणाली का परीक्षण किया है, जिसके बाद अमेरिका ने तुर्की के ऊपर आर्थिक पाबंदियां लगाने की चेतावनी दी।

लीबिया में चल रही जंग में फ्रांस और तुर्की आमने-सामने
तुर्की के एडम शोध संस्‍थान में विश्‍लेषक सिनान उल्‍गेन का मानना है कि अपने इस बयान के जरिए एर्दोगान ने यह दिखाने की कोशिश की कि वह पूरी दुनिया में मुस्लिमों के अधिकारों के रक्षक हैं। उल्‍गेन ने कहा, ‘कार्टून को लेकर चल रहा विवाद दोनों देशों के बीच बढ़ रही प्रतिस्‍पर्द्धा का हिस्‍सा है। फ्रांस ने संयुक्‍त अरब अमीरात के साथ मिलकर एक रणनीतिक गठजोड़ बनाया है ताकि पश्चिम एशिया और उत्‍तरी अफ्रीका में राजनीतिक इस्‍लाम के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला किया जा सके।

मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस्लाम को ढाल बना रहे एर्दोगन
एर्दोगन धर्म और देशप्रेम की बातें लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने के लिए भी कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से तुर्की की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उसकी मुद्रा का मूल्य रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। देश में बेरोजगारी और महंगाई के आंकड़े रोज नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। तुर्की में पहले भी विद्रोह हो चुका है, जिसको एर्दोगन ने सेना के दम पर कुचल दिया था। ऐसे में वह इन मुद्दों के सहारे लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों पर केंद्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।



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