शनिवार को रिहा होगा पत्रकार डेनियल पर्ल का हत्‍यारा, अमेरिका ने जताई चिंता

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वॉशिंगटन
अमेरिकी पत्रकार के हत्यारों को रिहा करने के पाकिस्तानी कोर्ट के आदेश पर ट्रंप प्रशासन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि हम इस खबर को सुनने के बाद से चिंतित हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने यहां तक दावा किया कि हमें आश्वासन दिया गया है कि अभियुक्तों को इस समय रिहा नहीं किया गया है। वहीं, ताजा जानकारी के अनुसार पर्ल को अगवा कर उनकी हत्या करने वाले अलकायदा नेता अहमद उमर सईद शेख और उसके तीन अन्य साथियों को पाकिस्तानी जेल से शनिवार को रिहा कर दिया जाएगा।

अमेरिका बोला- पाकिस्तान ने हमें भरोसा दिया
अमेरिकी विदेश विभाग ने ट्वीट कर कहा कि हम डेनियल पर्ल की हत्या के लिए जिम्मेदार कई आतंकवादियों को रिहा करने के सिंध उच्च न्यायालय के 24 दिसंबर के आदेश की खबरों से चिंतित हैं। हमें आश्वासन दिया गया है कि अभियुक्तों को इस समय रिहा नहीं किया गया है। अमेरिका इस मामले में किसी भी घटनाक्रम की निगरानी करता रहेगा और साहसी पत्रकार के रूप में पर्ल की विरासत का सम्मान करते हुए उनके परिवार को समर्थन जारी रखेगा।

पर्ल मामले में अमेरिका सख्त
बता दें कि अमेरिका पर्ल के लिए न्याय की मांग को लेकर पाकिस्तान पर दबाव देता रहा है। इस बीच, पर्ल के अभिभावकों- रूथ और जूडी पर्ल- ने सिंध उच्च न्यायालय के फैसले की निंदा की। समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, उन्होंने भरोसा जताया कि पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय से उनके बेटे को न्याय मिलेगा तथा प्रेस की स्वतंत्रता की सर्वोच्चता बहाल होगी।

इसलिए की गई पर्ल की हत्या
अमेरिकी अखबार वाल स्ट्रीट जर्नल के दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख पर्ल (38) को 2002 में अगवा कर लिया गया था और उनका सिर कलम कर दिया गया था। यह घटना उस वक्त हुई थी जब वह पाकिस्तान में खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन अलकायदा के बीच जुड़ाव पर खबरों के लिए काम कर रहे थे।

शनिवार को जेल से बाहर आएंगे सभी दोषी
अलकायदा आतंकी अहमद उमर सईद शेख और उसके तीन सहायक अदालत के रिहाई के आदेश के बाद शनिवार को जेल से बाहर आएंगे। पाकिस्तान की अदालत ने हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए शेख और उसके तीन सहयोगियों – फहद नसीम, सलमान साकिब एवं शेख आदिल – को बृहस्पतिवार को रिहा करने का आदेश दिया था। सिंध उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति के के आगा की दो सदस्यीय पीठ ने सुरक्षा एजेंसियों को शेख और अन्य आरोपियों को किसी भी तरह हिरासत में नहीं रखने का निर्देश दिया और उनकी हिरासत से संबंधित सिंध सरकार की सभी अधिसूचना को अमान्य करार दिया।

जेल अधीक्षक ने बताया- क्यों हो रही शनिवार को रिहाई
जेल अधीक्षक के मुताबिक चारों को बृहस्पतिवार को कराची केंद्रीय जेल से रिहा नहीं किया जा सका क्योंकि जेल प्रशासन को सिंध उच्च न्यायालय का आदेश बहुत देर से मिला। अभियुक्तों के वकील ने कहा कि शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश होने के कारण चारों को अब शनिवार को रिहा किया जाएगा।



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