दो-दो COVID Vaccine के बाद भी रूस में कोरोना का कहर जारी, 24 घंटे में मिले रिकॉर्ड नए मरीज

स्टोरी शेयर करें



मॉस्को
रूस के कोरोना वायरस की दो-दो वैक्सीन बनाने के दावे के बावजूद संक्रमण की रफ्तार दिनों दिन बढ़ती जा रही है। रूस में कोरोना वायरस संक्रमण के 29,935 नए मामले सामने आए हैं जो कि एक दिन में सामने आने वाले मामलों की सर्वाधिक संख्या है। रूस में स्पुतनिक वी कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के मिलने से राष्ट्रपति पुतिन की चिंता भी बढ़ गई है। संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बाद भी वहां राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाने या व्यापक स्तर पर बाजारों को बंद करने का विरोध हो रहा है।

रूस में 29 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमित
इसी के साथ रूस में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या 2,963,688 पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के कारण 549 लोगों की मौत हुई है। वहीं देश में इस महामारी से मरने वालों की तादाद 53,096 बताई जा रही है। हालांकि, कई विशेषज्ञों ने पहले ही शक जताया है कि रूस अपने यहां कोरोना के कुल मामलों को छिपाकर गलत आंकड़ा पेश कर रहा है।

दो-दो कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा कर चुका है रूस
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 11 अगस्त को दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्सीन स्पुतनिक-वी को बनाने का दावा किया था। इसके बाद अक्टूबर में पुतिन ने दूसरी कोरोना वैक्सीन ‘EpiVacCorona’ को शुरुआती ट्रायल के बाद मंजूरी दी थी। स्पूतनिक-वी वैक्सीन को लेकर पुतिन ने यह भी दावा किया था कि इससे लोगों के ठीक होने की रफ्तार बढ़ी है और उनकी बेटी को खुद इसकी डोज दी गई है। का वैक्सीनेशन भी रूस में शुरू हो चुका है। जबकि दूसरी वैक्सीन को अभी ट्रायल फेज में रखा गया है।

के बारे में जानिए
स्पूतनिक वी वैक्सीन को मॉस्‍को के गामलेया रिसर्च इंस्टिट्यूट ने रूसी रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर एडेनोवायरस को बेस बनाकर तैयार किया है। रूस की वैक्सीन सामान्य सर्दी जुखाम पैदा करने वाले adenovirus पर आधारित है। इस वैक्सीन को आर्टिफिशल तरीके से बनाया गया है। यह कोरोना वायरस SARS-CoV-2 में पाए जाने वाले स्ट्रक्चरल प्रोटीन की नकल करती है जिससे शरीर में ठीक वैसा इम्यून रिस्पॉन्स पैदा होता है जो कोरोना वायरस इन्फेक्शन से पैदा होता है। यानी कि एक तरीके से इंसान का शरीर ठीक उसी तरीके से प्रतिक्रिया देता है जैसी प्रतिक्रिया वह कोरोना वायरस इन्फेक्शन होने पर देता लेकिन इसमें उसे COVID-19 के जानलेवा नतीजे नहीं भुगतने पड़ते हैं।

पेप्टाइड आधारित है रूस की दूसरी कोरोना वैक्सीन
दूसरी कोरोना वायरस वैक्‍सीन ‘EpiVacCorona’ को साइबेरियन बॉयोटेक कंपनी ने विकसित किया है। पेप्टाइड आधारित यह वैक्‍सीन कोरोना से बचाव के लिए दो बार देनी होगी। इसे साइबेरिया में स्थित वेक्‍टर इंस्‍टीट्यूट ने बनाया है। मॉस्को टाइम्स के अनुसार, रूस की डेप्‍युटी पीएम ततयाना गोलिकोवा और उपभोक्‍ता सुरक्षा निगरानी संस्‍था की चीफ अन्‍ना पोपोवा को भी यह वैक्‍सीन लगाई गई थी।



स्टोरी शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Pin It on Pinterest

Advertisements
%d bloggers like this: