Mike pompeo के दावों के बीच जानें जब US President से बोले थे वाजपेयी, पाकिस्तान कल का सूरज नहीं देख पाएगा

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देश में सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक एक बार फिर सवालों के घेरे में है। दिग्विजय सिंह ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सवाल उठा दिया की पाकिस्तान पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का प्रूफ क्या था। फिर इसको लेकर बहस शुरू हो गई। आपको बता दें कि भारत ने पाकिस्तान पर दो सर्जिकल स्ट्राइक किए। एक 28 सितंबर 2016 और दूसरा पुलवामा हमले के बाद, जिसमें हमारे 40 जवान शहीद हो गए थे। भारत ने 27-28 फरवरी को बालाकोट में स्ट्राइक किया था। अब इसको लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्बियो ने अपनी किताब ‘नेवर गिव एन इंच’ में दावा किया है कि पाकिस्तान ने भारत पर परमाणु हमले की तैयारी कर ली थी। ये सूचना और किसी ने नहीं बल्कि तत्कालीन विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज ने उन्हें दी थी। हालांकि भारत भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार था।

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कांपने लगे थे पाक मंत्री के बोल

अमेरिकी विदेश मंत्री चाहे परमाणु हमले की आशंका को लेकर जो भी दावे करे लेकिन आपको वो वीडियो तो याद ही होगा जिसमें पाक के मंत्री संसद में कांपते स्वर के साथ कहते नजर आ रहे थे कि अभिनंदन को जाने दो, नहीं तो भारत हमला कर देगा। अभिनंदन ने 27 फरवरी को भारत में हमला करने के इरादे से सीमा में घुसने वाले जवानों को वापस खदेड़ दिया था। उन्होंने दशकों पुराने अपने मिग 21 बायसन विमान से पाकिस्तान के आधुनिक एफ-16 विमान को मार गिराया था। उस वक्त पाकिस्तान ने अभिनंदन को पकड़ लिया था। पाकिस्तानी सांसद अयाज सादिक ने दावा किया है कि तब विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने दावा किया था कि भारत पाकिस्तान पर हमला करने वाला है और इसलिए अभिनंदन को छोड़ना जरूरी थी। उन्होंने कहा था कि  चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ तशरीफ लाए, पैर कांप रहे थे, पसीने माथे पे थे। हमसे फॉरेन मिनिस्टर साहिब शाह महमूद ने कहा कि खुदा के वास्ते अब इसको वापस जाने दें, क्योंकि नौ बजे रात को हिंदुस्तान पाकिस्तान पर अटैक कर रहा है। हालांकि पाकिस्तानी सरकार और खुद अयाज सादिक ने स्पष्ट किया कि पैर कांपने वाला बयान सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा के लिए नहीं, बल्कि कुरैशी के लिए था, लेकिन सादिक का वीडियो देखकर कोई भी सहज अंदाजा लगा सकता है कि वह वास्तव में बाजवा के बारे में ही बात कर रहे थे। 

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कारगिल युद्ध के दौरान भी आई थी ऐसी धमकी

 25 जुलाई 1999 की बात है। रात के करीब 10 बज रहे थे। फोन की घंटी लगातार बज रही थी। सामने बिस्तर पर सफेद कपड़ों में एक विराट शख्सियत वाले व्यक्ति आंखें मूंदे लेटे थे। जिनकी आंखें बेशक बंद थी। लेकिन उनके ख्यालों में एलओसी के पास की तोप और बंदूकों की छवि प्रस्तुत हो रही थी। इसकी वजह था कारगिल युद्ध जब भारत और पाकिस्तानी सेना के बीच एलओसी पर जंग छिड़ी हुई थी। फोन की लगभग तीसरी घंटी पर उन्होंने फोन उठाया तभी सामने से आवाज आती है- सर, आपके लिए अमेरिका से अर्जेंट कॉल है। ये कहकर कॉल ट्रांसफर की गई। हैलो के साथ उधर से एक गंभीर आवाज आई। क्या मैं अटल जी से बात कर रहा हूं? जवाब में इधर से उत्तर दिया गया- जी, हां मैं अटल बिहारी वाजपेयी बोल रहा हूं। फिर सामने से कहा गया कि मैं अमेरिका का राष्ट्रपति बिल क्लिंटन बोल रहा हूं। अटल बिहारी वाजपेयी गंभीर हो गए क्योंकि वे जानते थे कि मामला गंभीर है। अटल जी ने गंभीरता के साथ कहा- कहिए। क्लिंटन ने कहा- अटल जी आप कारगिल में युद्ध विराम की घोषणा कर दीजिए। अटल जी ने जवाब में कहा कि बिल्कुल कर दूंगा, लेकिन मैं ये जान सकता हूं कि क्या ये बात आपने नवाज शरीफ से कही है। उधर से थोड़ी देर की खामोशी के बाद क्लिंटन कहते हैं अटल जी पाकिस्तान ने भारत पर परमाणु हमले की धमकी दी है। एक कठोर स्वर में अटल जी ने कहा- मैं आज बल्कि अभी से भारत की आधी आबादी को खत्म मानता हूं। लेकिन मैं आपको आश्वासन देना चाहूंगा कि पाकिस्तान कल का सूरज नहीं देख पाएगा। फिर फोन काट दिया गया। उसके बाद क्या हुआ हम सभी जानते हैं। 

माइक पोम्पियो ने क्या कहा?
अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने दावा किया है कि वह अपनी तत्कालीन भारतीय समकक्ष सुषमा स्वराज से बात करने के लिए नींद से जागे थे जिन्होंने उन्हें बताया था कि पाकिस्तान फरवरी 2019 में बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के मद्देनजर परमाणु हमले की तैयारी कर रहा है और भारत अपनी जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। बाजार में आई अपनी नयी किताब ‘नेवर गिव एन इंच: फाइटिंग फॉर द अमेरिका आई लव’ में पोम्पिओ ने कहा कि यह घटना तब हुई जब वह 27-28 फरवरी को अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर सम्मेलन के लिए हनोई में थे और उनकी टीम ने इस संकट को टालने के लिए भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ पूरी रात काम किया। 





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