Coronavirus News: कोरोना हो चुका है और वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है.. ओमीक्रोन से कितना सुरक्षित हैं आप?

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लंदन
गंभीर संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने से रोकने से लिए वैक्सीन को दोनों खुराकें लेने के छह महीने बाद ओमीक्रोन से संक्रमित होने पर टीके की प्रभाविकता 44 फीसदी तक कम हो जाती है। शुक्रवार को जारी नए विश्लेषण में इसकी जानकारी दी गई है जो ब्रिटेन के हजारों मामलों पर आधारित है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने अपनी टेक्निकल ब्रीफिंग 34 में इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी।

एजेंसी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के खिलाफ टीके की प्रभावकारिता 24 सप्ताह तक लगभग 64 प्रतिशत रही। लेकिन अगर दूसरी खुराक अगर 24 हफ्तों से पहले ली गई तो सुरक्षा कम हो गई। ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका, मॉडर्न और फाइजर की ओर से निर्मित टीकों का इस्तेमाल टीकाकरण अभियान में मुख्य रूप से किया जा रहा है। एक दूसरे विश्लेषण में यूकेएचएसए ने पाया कि पिछले संक्रमण के साथ-साथ टीके की दो खुराक लेने वाले लोगों में बीमारी के खिलाफ 60 फीसदी टीका प्रभावकारिता थी।

हाइब्रिड इम्युनिटी वाले लोग सबसे ज्यादा सुरक्षितहाल के प्रयोगशाला अध्ययन बताते हैं कि जो स्वास्थ्यकर्मी एक बार संक्रमित हो चुके हैं और वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं उनके भीतर हाइब्रिड इम्युनिटी मौजूद है। इसका मतलब है कि उनकी प्रतिरक्षा ओमीक्रोन वेरिएंट को बेअसर करने में सबसे ज्यादा शक्तिशाली है। रिपोर्ट के मुताबिक नए जनसंख्या डेटा विश्लेषण के अनुसार टीकाकरण के 20 हफ्ते बाद हल्की बीमारी के खिलाफ वैक्सीन की सुरक्षा काफी हद तक गायब हो गई।

बूस्टर डोज लेने के 10 हफ्तों बाद घट जाती है प्रभाविकतारिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बूस्टर डोज के बाद सुरक्षा शुरू में लगभग 65 से 70 फीसदी तक बढ़ जाती है लेकिन 10 हफ्तों के बाद यह घटकर 45 से 50 फीसदी ही रह जाती है। नया डेटा बड़े पैमाने पर बूस्टर डोज की जरूरत की पुष्टि करता है। साथ यह भी उम्मीद करता है कि हाइब्रिड प्रतिरक्षा वाले लोग, संभवतः भारत में सबसे ज्यादा, कम से कम कुछ लंबी अवधि तक तीसरी खुराक के बिना बेहतर ढंग से सुरक्षित रह सकते हैं। विश्लेषण के लिए 700,000 से अधिक ओमीक्रोन मामलों को रिसर्च में शामिल किया गया था।



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