सिख, अफगानी, चीनी.. अमीरों को साधने में जुटा पाकिस्तान, 75 लाख रुपए में ‘बेच’ रहा नागरिकता

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इस्लामाबादपाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने शुक्रवार को घोषणा की है कि सरकार ने विदेशी नागरिकों के लिए स्थायी निवास योजना की अनुमति देने का फैसला किया है। इसे रियल एस्टेट क्षेत्र में उनके निवेश से जोड़ा गया है। पाकिस्तान की पहली राष्ट्रीय सुरक्षा नीति के अनुसार फवाद ने कहा कि पाकिस्तान ने भू-अर्थशास्त्र को अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत के मूल के रूप में घोषित किया है। यही कारण है कि नई नीति ने विदेशियों को निवेश के बदले स्थायी निवासी का दर्जा प्राप्त करने की अनुमति दी है।

पाकिस्तान की न्यूज वेबसाइट ट्रिब्यून ने सूत्रों के हवाले से बताया कि तुर्की के नक्शेकदम पर चलते हुए पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेतृत्व वाली सरकार ने विदेशी नागरिकों के लिए स्थायी निवास योजना सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। इसके लिए आवेदकों को उन्हें 100,000 डॉलर (करीब 74 लाख रुपए) से लेकर 300,000 डॉलर (करीब 2 करोड़ रुपए) का निवेश रियल एस्टेट में करना होगा। एक प्रमुख संघीय मंत्री ने इसके पीछे पाकिस्तानी सरकार का उद्देश्य स्पष्ट किया है।

अमीर अफगानों और सिखों को आकर्षित कर रहा पाकिस्तानरिपोर्ट के अनुसार मंत्री ने कहा विदेशियों के लिए पीआर योजना शुरू करने का एक उद्देश्य अमीर अफगानों को आकर्षित करना है। पिछले साल अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद से अफगान तुर्की, मलेशिया और अन्य देशों में शरण लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। ऐसे लोगों को आकर्षित करने के लिए ही पाकिस्तान सरकार ने यह स्कीम लॉन्च की है। मंत्री ने कहा कि इसके अलावा इस योजना का मकसद कनाडा और अमेरिका में रहने वाले सिखों को टारगेट करना है, जो धार्मिक स्थलों में निवेश करने के इच्छुक हैं, खासकर करतारपुर कॉरिडोर।

उद्योग स्थापित करने वाले चीनी नागरिकों के लिए स्कीममंत्री ने बताया कि योजना का तीसरा उद्देश्य ऐसे चीनी नागरिकों को आकर्षित करना है जो पाकिस्तान में उद्योग स्थापित करना चाहते हैं या स्थायी रूप से रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार विदेशी नागरिकों को रियल स्टेट में निवेश करने की अनुमति दी गई है। विदेशी नागरिकों को संपत्ति खरीदने में सुविधा के लिए कैबिनेट ने मंत्रालयों और अधिकारियों को बैठक कर योजना बनाने के लिए कहा है।

पाकिस्तानी मंत्री ने बताया ‘गेम चेंजर’हाल ही में तुर्की ने विदेशी नागरिकों को अपने यहां संपत्ति खरीदने की अनुमति दी है। चौधरी ने कहा कि यह परियोजना एक ‘गेम चेंजर’ साबित होगी। विदेशी अब पाकिस्तान में घर, होटल खरीदने के साथ रियल स्टेट में निवेश कर पाएंगे। पाकिस्तान ने शुक्रवार को जारी अपनी पहली राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में भारत के साथ संबंधों में सुधार की इच्छा जताई और हिन्दुत्व आधारित नीतियों, हथियार जमा करने की होड़ और लंबित विवादों के एकतरफा हल थोपने की एकपक्षीय कोशिशों को इसमें प्रमुख बाधा बताया है।

भारत के साथ संबंध बेहतर करना चाहता है पाकिस्तानराष्ट्रीय सुरक्षा नीति के अध्याय सात में ‘बदलती दुनिया में विदेश नीति’ शीर्षक के तहत भारत के साथ पाकिस्तान के संबंधों, कश्मीर मुद्दा और अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों की बात की गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 110 पन्नों के इस दस्तावेज का अनावरण किया, जिसमें कहा गया है, ‘देश-विदेश में शांति नीति के तहत पाकिस्तान, भारत के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाना चाहता है।’



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