रूस की धमकी- हमारा धैर्य खत्म हुआ, घमंड में हैं पश्चिमी देश और NATO, अब यूक्रेन का क्या होगा?

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मॉस्को
यूक्रेन सीमा पर जारी तनाव के बीच रूस ने अमेरिका समेत नाटो गठबंधन को सख्त चेतावनी दी है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि हमारा धैर्य अब खत्म हो चुका है। पश्चिमी देश घमंड में हैं और अपने दायित्वों का पालन न करके वे तनाव बढ़ा रहे हैं। लावरोव ने यह भी कहा कि रूसी सीमा के नजदीक नाटो के हथियारों की तैनाती को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे में अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के साथ रूस की बातचीत अब फेल होती दिखाई दे रही है।

नाटो ने खारिज की रूस की मांग
सर्गेई लावरोव ने रूस की मांग को दोहराते हुए कहा कि नाटो यूक्रेन और अन्य पूर्व-सोवियत देशों में न तो विस्तार करेगा और न ही बलों को तैनात करेगा। उन्होंने दावा किया कि यह यूक्रेन को लेकर बढ़ते तनाव को कम करने के लिए राजनयिक प्रयासों को बढ़ाने के लिए आवश्यक है। हालांकि यूक्रेन के पास रूसी सेना के जमावड़े के बीच नाटो सैन्य गठबंधन ने इसे अस्वीकार कर दिया गया है। जिसके बाद रूस ने कहा है कि वह पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं करेगा।

रूस बोला- सीमा पर नाटो के हथियार स्वीकार नहीं
रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि रूस की सीमाओं के पास नाटो बलों और हथियारों की तैनाती एक सुरक्षा चुनौती है जिसका तुरंत समाधान किया जाना चाहिए। हमारा धैर्य खत्म हो गया है। पश्चिमी देश घमंड से भरे हुए हैं और अपने दायित्वों और सामान्य ज्ञान के खिलाफ तनाव बढ़ा दिया है। लावरोव ने कहा कि रूस को उम्मीद है कि वाशिंगटन और नाटो अगले सप्ताह उसकी मांगों का लिखित जवाब देंगे।

यूक्रेनी वेबसाइटों पर हुए साइबर हमले
रूस से जारी तनाव के बीच यूक्रेन की सरकारी वेबसाइटों को बड़े पैमाने पर साइबर हमलों का सामना करना पड़ा है। इस कारण यूक्रेन की कई सरकारी वेबसाइटों को बंद करना पड़ा है। यूक्रेन में रूस को लेकर नाराजगी भी बढ़ रही है। वहीं, रूस का कहा है कि वह अपनी सीमा के अंदर सैनिकों को तैनात करने के लिए स्वतंत्र है और इससे किसी भी देश को डरना नहीं चाहिए।

पुतिन ने लाल रेखा पार न करने की धमकी दी
यूक्रेन सीमा पर जारी तनवा को कम करने के लिए इसी हफ्ते जिनेवा में अमेरिका और रूस के बीच बैठक भी की गई थी। इसके अलावा ब्रसेल्स में नाटो और रूस के अधिकारियों ने भी मुलाकात की थी। पश्चिमी देशों को डर है कि रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकती है। हालांकि, रूस ने ऐसी किसी भी योजना से इनकार किया है। खुद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी बोल चुके हैं कि यूक्रेन और दूसरे पूर्व सोवियत देशों में नाटो का विस्तार एक लाल रेखा है, जिसे पार नहीं करना चाहिए।



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