कोरोना मरीजों के घटते ही ऑक्सीजन प्लांट स्थापना में लेटलतीफी, भवन तैयार मशीन की नहीं आपूर्ति

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अनूपपुर। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों की जीवन रक्षक के रूप में ऑक्सीजन की महत्ता को देखते हुए शासन द्वारा जिले के ३७ जिलों के जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इस सूची में अनूपपुर जिला अस्पताल में भी शामिल हुआ। यहां प्लांट सम्बंधित तैयारियों को तकनीकि विभाग द्वारा अप्रैल माह से लगातार जमीन सर्वेक्षण के साथ मशीनों को स्थापित करने शेड(कक्ष) का भी निर्माण कराया गया। लेकिन पिछले डेढ़ माह उपरांत भी जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित नहीं हो सकी है। इस कार्य में हो रही देरी की वजह से कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए चिकित्सालय प्रबंधन को निजी संस्था पर निर्भर होना पड़ रहा है। यदि इस प्लांट की स्थापना हो जाए तो यहां दाखिल मरीजों को हर समय ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगा और जिला अस्पताल को भविष्य में ऑक्सीजन की समस्या से जूझना नहीं होगा। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट स्थापित के लिए मेटरनिटी बिल्डिंग के पास मशीन को सुरक्षित रखे कक्ष का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। लेकिन भोपाल स्तर से ही मशीनों का आवंटन नहीं हुआ है।
बॉक्स: राशि जारी अब कार्य प्रारंभ होने का इंतजार
जानकारी के अनुसार शासन द्वारा प्रस्तावित राशि ऑक्सीजन प्लांट स्थापना के लिए चिकित्सालय प्रबंधन को जारी कर दी गई है। जिसके लिए अस्पताल परिसर में ही जगह निर्धारित करते हुए ऑक्सीजन प्लांट के लिए आधारभूत ढांचा भी बनाया जा चुका है। लेकिन ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का कार्य जिस वेंडर को प्रदान किया गया है उसके द्वारा अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। वर्तमान में ऑक्सीजन के लिए जिला अस्पताल अनूपपुर और मेडिकल कॉलेज शहडोल जैतहरी में स्थापित निजी ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन ले रहे हैं।
बॉक्स: 200 यूनिट ऑक्सीजन का होगा उत्पादन
बताया गया कि एक करोड़ तीन लाख रुपए की लागत से स्थापित होने वाले इस ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 200 यूनिट की है । जहां मरीजों को इसकी सप्लाई हर समय उपलब्ध रहेगी । जिसके कारण कोरोना को रोक पाने में सहायता मिल सकेगी।
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