गरीबों को आवास देने का प्रस्ताव स्वीकृत कर सरकार ने दिखाई ऐसी उदासीनता कि लक्ष्य रह गया अधूरा

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सिंगरौली. जिला स्तर से भेजे गए जरूरतमंदों को पक्का मकान देने के प्रस्ताव को शासन स्तर से स्वीकृत तो कर लिया गया, लेकिन आवास बनाने के लिए एक भी किश्त नहीं दी गई। यह हाल तब है कि जबकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज तीन महीने का वक्त शेष है।

शासन स्तर से केवल चितरंगी जनपद पंचायत के हितग्राहियों के लिए प्रथम किश्त जारी की गई है, लेकिन केवल नाम मात्र के हितग्राहियों को किश्त उपलब्ध हुई। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले के तीनों जनपद पंचायतों के लिए 6465 हितग्राहियों के लिए आवास स्वीकृत किया गया।

वैसे लक्ष्य 21102 हितग्राहियों के लिए आवास बनाने का है, लेकिन अभी स्वीकृति केवल 6465 हितग्राहियों के आवास को लेकर मिली है। जिला पंचायत के अधिकारियों की माने तो स्वीकृत प्रस्तावों में से चितरंगी के केवल 222 हितग्राहियों का आवास बनाने के लिए पहली किश्त जारी की गई है। जबकि बैढऩ व देवसर जनपद पंचायत के एक भी हितग्राही को आवास बनाने की एक भी किश्त नहीं मिली है।

प्रक्रिया में है आवास बनाने की कवायद
अधिकारियों की माने तो जिले के तीनों जनपद पंचायतों के लिए 21102 आवास का लक्ष्य तय है। इनमें से 13015 हितग्राहियों के लिए आवास का पंजीयन और 8102 आवास के लिए जियो टैगिंग कराई जा चुकी है। फिलहाल पहली किश्त जारी करने के लिए 6465 हितग्राहियों का चयन किया गया है। यह बात और है कि अभी तक केवल चितरंगी जनपद पंचायत के केवल 222 हितग्राहियों को पहली किश्त मिली है।

लक्ष्य व स्वीकृत आवास की स्थिति
जनपद — लक्ष्य — स्वीकृत — प्रथम किश्त
चितरंगी — 8819 — 3549 — 222
देवसर — 7224 — 4342 — शून्य
बैढऩ — 5059 — 1312 — शून्य



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