बोर्ड परीक्षा की तैयारी: स्कूलों पर ताला, ऑनलाइन मॉनीटरिंग में शिक्षक व प्राचार्य गायब

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अनूपपुर। कोरोना महामारी की टूटती श्रृंखला और आगामी बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए शासन द्वारा ९ वीं से १२ वीं तक की कक्षाओं का संचालन १८ दिसम्बर से कर दिया गया है। इसमें कक्षा १० व १२वीं को प्राथमिकता देते हुए इनकी नियमित कक्षाएंं संचालन और बच्चों के विषयक समस्याओं को दूर करते हुए बोर्ड परीक्षा की तैयारी के निर्देश दिए गए है। सम्भावना है जिले से इस वर्ष २०-२२ हजार की तादाद में परीक्षार्थी आगामी बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग को इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसमें प्राचार्यो व शिक्षकों से नियमित कक्षाओं के संचालन कर परीक्षाओं की तैयारी कराने निर्देशित किया गया है। लेकिन शासन के निर्देश को प्राचार्यो व शिक्षकों ने दरकिनार कर दिया है। वीडियो कॉलिंग से की जा रही मॉनीटरिंग में यह खुलासा हुआ है कि लगभग ६०-६५ फीसदी स्कूलों में आगामी बोर्ड परीक्षाओं की कोई तैयारी नहीं कराई जा रही है। यहां तक स्कूलों का संचालन तक नहीं किया जा रहा है। अधिकांश स्कूलों में ताला लगा हुआ है। जब कि कुछ स्कूलों में सैकड़ोंं की तादाद में दर्ज बच्चों में मात्र इक्का दुक्का छात्र ही कक्षाओं में उपस्थित हो रहे हैं। यहीं नहीं मॉनीटरिंग में स्कूल के प्राचार्य या शिक्षक अधिकारियों सेेेेे सीधा सम्पर्क नहीं कर रहे हैं। जबकि कक्षाओं में शिक्षकों द्वारा पढ़ाया जाने वाला पाठ भी बच्चों को समझ में नहीं आ रहा है। पूछताछ में स्कूली बच्चें झेप रहे हैं। सबसे आश्चर्य की बात शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के तहत सभी स्कूलों को दिए गए कार्य योजनाओं की तैयारी में अब तक प्राचार्यो ने शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर कोई योजना ही तैयार नहीं की है। जिसके कारण अब आगामी बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले बच्चों के भविष्य खतरे में नजर आने लगा है। बोर्ड परीक्षा की तैयारी भगवान भरोसे की जा रही है।
बॉक्स: स्कूलों में नहीं बनी कार्ययोजना
शासकीय निर्देश में सभी स्कूलों को आगामी ३ माह के लिए शैक्षणिक कार्ययोजनाएं बनाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत बच्चों की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को सरल और आसान बनाया जा सके। इसमें ऑनलाइन के माध्यम से बच्चों को जोडक़र शिक्षा प्रदान करना, कक्षाओं में बच्चों की अधिक संख्या में उपस्थिति बनाना, पालको को प्रेरित कर बच्चों को स्कूल भेजवाना, आगामी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर वस्तुनिष्ट प्रश्नों को तैयार करना, तीन वर्ष के प्रश्न बैंक के माध्यम से आगामी परीक्षा के लिए प्रश्न तैयार करवाना, विषयक शिक्षकों की कमी पर संकुल स्तर से व्यवस्था बनाकर कोर्स पूरा करना सहित अन्य कार्ययोजना थी। लेकिन इनपर प्राचार्य सहित शिक्षकों ने कोई योजना नहीं बनाई है।
बॉक्स: मानीटरिंग में बच्चों की स्थिति
स्कूल दर्ज उपस्थिति
१. हाईस्कूल कन्या स्कूल करपा १३० ७२
२. हायर सेकेंडरी बालक स्कूल करपा ४१५ ७६
३. हायर सेकेंडरी स्कूल भेजरी ४९४ ६६
४. हायर सेकेंडरी स्कूल खांटी ३२८ २१
५. हाईस्कूल लीलाटोला १४० ६८
बॉक्स: ऑनलाइन से नहीं जुड़ते प्राचार्य
मानीटरिंग में सबसे बड़ा मामला यह आया है कि अब स्कूल प्राचार्य बंद स्कूल या उपस्थिति से बचने विभाग की मॉनीटरिंग सेल से नहीं जुड़ रहे हैं। बार बार चेतावनी के बाद भी उनका सम्पर्क वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से नहीं हो रहा है। खुद डिप्टी कलेक्टर विजय डहेरिया ने भी मॉनीटरिंग में प्राचार्य को गायब पाया और स्कूल पर ताला लटके होने की जानकारी पाई।
वर्सन:
मॉनीटरिंग में इस प्रकार की लापरवाही सामने आई है, ऐसे प्राचार्य और शिक्षकों को नोटिस जारी किया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि बोर्ड परीक्षाओं के कारण स्कूल खोलने के निर्देश है।
विजय डहेरिया, डिप्टी कलेक्टर अनूपपुर।
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