मिड डे मिल में गडबड़ी: स्वसहायता समूह कम चावल का कर रहे वितरण, 5 की जगह 2 और 3 किलो चावल

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अनूपपुर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन द्वारा प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों को बंद करते हुए बच्चों के हिस्से में दोपहर आने वाले भोजन को अनाज के रूप में वितरित किए जाने का आदेश जारी किया गया। इसकी जिम्मेदारी स्थानीय स्वसहायता समूह संचालित करने वाले सदस्यों को सौंपी गई। जिसमें एमडीएम के रूप में दिए जाने वाले पोषण आहार को पांच किलो चावल, दो किलोग्राम दाल और एक लीटर तेल के रूप में छात्र छात्राओं के घर पहुंचाया जाना निर्देशित किया गया था। लेकिन ग्राम पंचायत दैखल में संचालित महिला स्व सहायता समूह द्वारा मनमानी करते हुए छात्र छात्राओं के हिस्से आने वाले अनाज की मात्रा कम वितरित की जा रही है। जिसकी शिकायत अभिभावकों ने स्कूल शिक्षकों से दर्ज कराई है। शिक्षकों ने भी बच्चों को मिल रहे चावल की कम मात्रा पर विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी है। लेकिन फिलहाल समूह पर विभाग की कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। बताया जाता है कि मिड डे मिल योजना के तहत माह अक्टूबर-नवम्बर माह का अनाज समूह सदस्यों द्वारा वितरित किया जा रहा है। जिसमें कक्षा १ से ५ तक के बच्चों के बीच २ किलो ग्राम चावल, दो किलो दाल और एक लीटर तेल बांटा जा रहा है, जबकि कक्षा ६ से ८ तक के बच्चों के बीच ३ किलो चावल, दो किलो दाल और एक लीटर तेल बांटा जा रहा है। जानकारी के अनुसार यहां प्राथमिक स्कूल की कक्षा१ से ५ तक १११ बच्चे तथा माध्यमिक कक्षा ६-८ में ८२ बच्चे दर्ज है।
बॉक्स: कहां गए ५ क्विंटल चावल, अभिभावकों ने जताई नाराजगी
इस मामले को लेकर अभिभावको ने स्व सहायता समूह की मनमानी को लेकर आपत्ति जताते हुए मामले की शिकायत स्कूल के शिक्षकों से भी दर्ज कराई है। अभिभावक लल्ला नापित ने बताया कि उनकी बच्ची कक्षा ५वीं में पढ़ती है, समूह द्वारा ५ किलो चावल की जगह मात्र दो किलो चावल दिया गया है। पूछने पर सदस्यों ने कहा बजट नहीं आया है। जबकि विभागीय स्तर पर पूछताछ में यह बताया गया कि समूह द्वारा योजना के लिए ५ क्विंटल चावल का उठाव किया गया है।
बॉक्स: पूर्व में खराब चावल के वितरण की शिकायत आई सामने
इससे पूर्व अनूपपुर जनपद के ग्राम पंचायत भाद में ही महिला स्व सहायता समूह द्वारा घर पर बैठकर बिना तराजू के तौल किए छात्र छात्राओं को अनाज का वितरण किया था। जिसमें कीड़ा लगा खराब चावल के साथ नापतौल में भी गड़बड़ी करते हुए कम मात्रा में पोषण आहार प्रदान किया गया।
वर्सन:
समूह सदस्यों ने हमारे सामने ही पांचवी तक के बच्चों के लिए २ किलो और ६-८वीं तक के बच्चों के लिए तीन किलो चावल का वितरण किया है। पूछने पर बताया गया है बजट नहीं आया है। हमने विभाग को जानकारी दे दी है।
उपेन्द्र तिवारी, शिक्षक प्राथमिक स्कूल दैखल।
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