कुपोषण से जंग लड़ रहे मासूमों की नए साल में सुधरेगी सेहत, पोषण किट देने की तैयारी

स्टोरी शेयर करें



रीवा. सबकुछ योजना के तहत हुआ तो नए साल में कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारेगी। जिला प्रशासन ने कुपोषित ग्रासित परिवारों के उन्नयन के लिए ब्लू प्रिंट तैयार है। कलेक्टर इलैयाराजा टी ने कुपोषित परिवारों के उन्नयन के लिए पंचायत स्तर पर प्लान तैयार किया है। प्रारंभिक चरण में नए साल के पहले दिन एक जनवरी को हर कुपोषित बच्चे के घर पंचायत स्तर पर गठित दल पहुंचकर पोषण किट उपलब्ध कराएगी। इतना ही नहीं कुपोषित परिवार को यदि किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तो ऐसे परिवारों को पेंशन, खाद्यान्न रोजगार गारंटी आदि योजनाओं के लिए चिह्ंित किया जाएगा। सोमवार से योजना के तहत काम शुरू हो जाएगा।
अभियान तहत के 7246 कुपोषित चिह्ंित
जिले में विशेष अभियान के दौरान कुपोषित बच्चों को चिह्ंित किया गया है। महिला बाल विकास की ओर से 7246 कुपोषित बच्चों को चिह्ंित किया गया है। कलेक्टर ने कुपोषित बच्चों के परिवार को तीन चरण में उन्नयन करने का प्लान तैयार किया है। प्रारंभिक चरण में एक जनवरी को सभी कुपोषित बच्चों को स्वच्छता और पोषण किट यानी खाने की सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। कुपोषित परिवार को किट भेंट करने के लिए पंचायत स्तर पर दल गठित होगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत के दल में आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एएनएम, रोजगार सेवक, सचिव और पंचायत के सरपंच की संयुक्त रूप से शामिल रहेंगे।
कुपोषित बच्चों के परिवारों की कुंडली खंगालेगा दल
दूसरे चरण में दल प्रत्येक कुपोषित परिवार के घर पहुंचकर इस बात का सत्यापन करेंगे कि चिह्ंित परिवार की आर्थिक स्थित क्या है। यदि ठीक नहीं है तो जॉबकॉर्ड बना है या नहीं। बीपीएल सूची में नाम नहीं जुड़ा है तो जोडऩे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तो फौरी तौ पर पात्रता पर्ची जारी कर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही किसी ने किसी योजना से जोडऩे की कार्रवाई की जाएगी।
कुपोषित बच्चों की तीन माह तक मॉनीटरिंग होगी
कलेक्टर इलैयाराजा टी ने बताया कि कुपोषित बच्चों को इलाज देने के लिए एनआरसी में भर्ती कराएंगे। नए साल में पंचायत स्तर पर न्यूट्रीसियन किट उपलब कराई जाएगी। दूसरे चरण में परिसार की आर्थिक स्थित और तीसरे चरण में शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। आर्थिक स्थित के लिए पेंशन, रोजगार गारंटी आदि योजनाओं के तहत जोडऩे का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा जनप्रतिनिधि से अपील है कि ऐसे परिवारों की मदद के लिए सामग्री और खाद्य पदार्थ के सहयोग के लिए भी अपील करता हूं।
हर पंचायत में तीन बच्चे से अधिक कुपोषित चिह्ंित
जिले में महिला बाल विकास की ओर से चिह्ंित किए गए कुपोषित बच्चों की संख्या का यादि औसत लिया जाए तो प्रत्येक ग्राम पंचायत में तीन से अधिक बच्चे कुपोषित हैं। जिले में 827 ग्राम पंचायतों में 7246 बच्चे कुपोषित चिह्ंित किए गए।

वर्जन…
–विशेष अभियान के दौरान कुपोषित बच्चे चिह्ंित किए गए हैं। ऐसे परिवार के तीन माह (जनवरी, फरवरी और मार्च) तक की कार्य योजना तैयार की है। एक जनवरी को पोषण सामग्री किट उपलब्ध करांएगे। इसके लिए प्रत्येक पंचायत स्तर पर दल गठित किया जाएगा।
इलैयाराजा टी, कलेक्टर



स्टोरी शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Pin It on Pinterest

Advertisements
%d bloggers like this: