हनुवंतिया की तर्ज पर शहडोल में बनेगा टापू

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शहडोल। वनोपज और प्रकृति से घिरे शहडोल में अब पर्यटन विकसित करने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। हनुवंतिया की तर्ज पर अब शहडोल में भी टापू बनेगा। बाणसागर डैम से सटे दो गांवों के टापू को विकसित करने की प्लानिंग है। कलेक्टर ने पहल करते हुए दो जगहों की भूमि को पर्यटन विभाग को ट्रांसफर की है। सबकुछ सही रहा तो आने वाले दिनों में यहां पर्यटन विभाग बेहतर तरीके से टापू विकसित करेगा। प्रशासन और पर्यटन विभाग ने इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जिला प्रशासन ने सरसी गांव में 35 हेक्टेयर और पहाडिय़ा गांव में 45 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को दी है। ये दोनों गांव बाणसागर डैम से लगे हुए हैं।

ग्रामीणों को रोजगार के साथ विकसित होगा क्षेत्र
शहडोल के इन दोनों गांवों में पर्यटन की दिशा में टापू तैयार होने से जहां एक ओर ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में विकास को उड़ान भी मिलेगी। बाणसागर डैम का टापू संभाग में पहला प्रयोग होगा। ये दोनों गांव शहडोल के साथ ही रीवा से नजदीक होने की वजह से पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन विभाग को इसकी करनी होगी निगरानी
– पर्यटन विकास विभाग की जवाबदारी होगी कि पर्यटन गतिविधि से बांध में नुकसान न हो।
-आने-जाने वाले पर्यटकों के जान-माल एवं दुर्घटना की जवाबदारी पर्यटन विकास विभाग की होगी।
– पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग की होगी।
– बांध के 2 किमी अपस्ट्रीम एवं 2 किमी डाउन स्ट्रीम का प्रतिबंधित होगा। पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होंगी।
– डैम में रात्रि में बोटिंग प्रतिबंधित रहेगी।
– बांध एवं बांध के पावर हाउस के निकट किसी भी प्रकार कूड़े-कचरे का निष्पादन पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
-मानसून में बांध में जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव में जलाशय में पर्यटन गतिविधियां प्रतिबंधित रहेगी।
– टूरिस्ट नौका परियोजना स्थल बांध एवं पावर हाउस के निकट बांध से 2 किमी नौका बैरियर लगाना होगा।
– जलीय जीवों एवं पानी की क्वालिटी पर पडऩे वाले विपरित प्रभावों की सतत मानिटरिंग की जिम्मेदारी होगी।
शहडोल में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दो जगहों की भूमि को पर्यटन विभाग को दी गई है। हनुवंतिया की तर्ज पर टापू विकसित किया जाएगा। रोजगार के साथ विकास भी होगा।
डॉ सतेन्द्र कुमार सिंह, कलेक्टर

विराट मंदिर पहुंची एएसआई की टीम, मुख्य मार्ग से तैयार होगा गेट
.कलेक्टर डॉ. सतेंद्र सिंह तथा आइक्रोलॉजिक सर्वे ऑफ इंडिया सुप्रिडेंट जबलपुर डॉ. सुजीत नैन ने संयुक्त रूप से पुरातात्विक विराट मंदिर के परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पुरातात्विक मंदिर प्रांगण के मुख्य दरवाजे को मुख्य मार्ग से जोडऩे के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विराट मंदिर में व्यवस्थित बाउंड्री वॉल कराकर बाउंड्री वाल में पुरातात्विक चित्रांकन कराने के निर्देश दिए ताकि लोगों का ध्यान पुरातात्विक विराट मंदिर की ओर आकर्षित हो सके कलेक्टर ने मंदिर प्रांगण में लगे लैंटाना, बबूल इत्यादि के पड़ो को जेसीबी के माध्यम से हटवा कर समतलीकरण कराने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी अमित तिवारी को दिए। मंदिर परिसर के बाहर पड़े पत्थर को व्यवस्थित कर तहसीलदार सोहागपुर को निर्देश देते हुए कहा कि यह पत्थर मंदिर के अन्य निर्माणाधीन कार्यों में काम आएगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दो दिवस के अंदर मेला मैदान एवं श्मशान घाट का सीमांकन कराने के निर्देश तहसीलदार सोहागपुर लवकुश प्रसाद शुक्ला को दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को वहां उपस्थित नागरिको ने बताया कि पुरातात्विक विराट मंदिर के मुख्य मार्ग में अंधा मोड़ होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है तथा कई बार दुर्घटना भी हो चुकी है, इस पर कलेक्टर ने मुख्य सड़क को सीधा एवं समतलीकरण कराने के निर्देश मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं तहसीलदार सोहागपुर को दिए। तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट लवकुश प्रसाद शुक्ला, सीएमओ अमित तिवारी, कमल प्रताप सिंह, सूर्यकांत निराला एवं संतोष लोहानी, जन अभियान परिषद के विवेक पाण्डेय रहे।



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