इन सरकारी कर्मचारियों के प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार की चेतावनी से मचा हड़कंप, जानें क्या है मामला…

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सतना. प्रदेश की कानून व्यवस्था को धता बताते हुए सरकारी कर्मचारियों पर ऑन ड्यूटी हुए जानलेवा हमले के बाद कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार की धमकी दी है। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर को फिर ज्ञापन सौंपा और शासन-प्रशासन को 27 दिसंबर तक की मोहलत दी, कहा कि नियत अवधि में हमलावरों की गिरफ्तारी न हुई तो सभी राजस्वकर्मी चुनाव कार्यों को छोड़ अन्य कार्यों का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।

मामला राजस्वकर्मयों पर जानलेवा हमले से जुड़ा है। पिछले दिनों जिले के उचेहरा व प्रदेश के अनूपपुर में नायब तहसीलदारों के पर जानलेवा हमला हुआ था। लेकिन आरोपी अब तक पकड़े नहीं जा सके हैं। इसे लेकर राजस्व अधिकारियों में गहरा आक्रोश है। आक्रोशित राजस्व अधिकारी व कनिष्क प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला अध्यक्ष व रघुराज नगर तहसीलदार बीके मिश्रा के नेतृत्व में कलेक्टर को दोबारा ज्ञापन सौंपा। तहसीलदारों ने प्रशासन को चेताया कि उचेहरा के नायब तहसीलदार शैलेंद्र बिहारी शर्मा व अनूपपुर के नायब तहसीलदार पंकज नयन तिवारी पर शासकीय कार्य करते वक्त हुए जानलेवा हमले के बाद भी आरोपी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, यदि 27 दिसंबर तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई तो अगले दिन यानी 28 दिसंबर से चुनाव कार्यों को छोड़ सभी शासकीय कार्य बंद कर दिए जाएंगे। यह विरोध प्रदेश भर में होगा। प्रतिनिधिमंडल में तहसीलदार मानवेंद्र सिंह, रमेश कोल, डॉ. शैलेंद्र शर्मा, आशुतोष मिश्रा, ऋषि नारायण सिंह सहित तहसीलदार व नायब तहसीलदार शामिल रहे।

बता दें कि उचेहरा थाना अंतर्गत बांधी मौहर इलाके में पावर ट्रांसमिशन कंपनी के ठेकेदार, हाइटेंशन लाइन खींचने व ट्रांसफार्मर लगाने का काम करवा रहा था। यह लाइन कई लोगों के खेत के ऊपर से जा रही है। मौके पर राजस्व सीमांकन व अन्य विवाद न हो इसके लिए तहसीलदार शैलेंद्र बिहारी शर्मा भी पहुंचे थे। उसी दौरान सोमवार शाम लगभग 5.30 बजे कुछ लोग बोलेरो कार से आए और बिजली कार्य बंद करने को लेकर बिजली कंपनी के इंजीनियर, कर्मचारी व ठेका कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान तहसीलदार से भी अभद्रता की गई व मारपीट की कोशिश की गई। तहसीलदार ने किसी तरह से खुद को बचाया। पूरे मामले में उचेहरा थाना में नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। लेकिन पुलिस अब त आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते पुलिस निष्क्रिय बनी है।



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