रैगांव उपचुनावः तीन अभ्यर्थियों ने वापस लिया नामांकन, वंदना के छलके आंसू

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सतना. रैगांव उपचुनाव के लिये नामांकन वापसी के अंतिम दिन 13 अक्टूबर को दो अभ्यर्थियों वंदना और राकेश कुमार ने अपने नामांकन वापस लिये। 12अक्टूबर को पुष्पराज पहले ही अपना पर्चा वापस ले लिये थे। इस तरह से कुल तीन अभ्यर्थियों के नामांकन फार्म वापस लेने के बाद अब रैगांव के रण में १६ प्रत्याशी अपना भाग्य आजमाएंगे। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही रिटर्र्निंग ऑफीसर ने प्रतीक आवंटन की प्रक्रिया पूरी की। इसमें आयोग द्वारा सपा का प्रतीक चिन्ह साइकिल आवंटन जारी न होने से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को सपा का चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं किया गया।

सबकी थीं निगाहें
रैगांव उपचुनाव के लिये बुधवार 13 अक्टूबर को नामांकन वापसी की आखिरी तारीख होने को लेकर सुबर से ही गहमा गहमी का माहौल बना हुआ था। संयुक्त कलेक्ट्रेट में सबकी निगाहें नामांकन पत्र वापस लेने वालों को लेकर उत्सुकता थी। इस दौरान यहां पर कांग्रेस और भाजपा से जुड़े लोग भी सक्रिय नजर आ रहे थे। सबकी उत्सुकता भाजपा की बागी उम्मीदवार वंदना की फार्म वापसी पर थी। इधर साढ़े 12.45 बजे निर्दलीय प्रत्याशी राकेश कुमार ने आरओ के समक्ष पहुंच कर अपना पर्चा वापस निकाल लिया। इसके बाद नाम वापसी के अंतिम समय 3 बजे से कुछ देर पहले 2.43 बजे निर्दलीय प्रत्याशी वंदना वर्मा ने रिटर्निंग ऑफीसर के समक्ष पहुंच कर अपना नामांकन वापस लिया। इस तरह से नामांकन वापसी के अंतिम समय तक कुल तीन लोगों के पर्चे वापस हुए।

19 प्रत्याशी मैदान में
नामांकन फार्म की संवीक्षा के बाद दौड़ में कुल 19 अभ्यर्थी बचे हुए थे। तीन लोगों की नाम वापसी के बाद अब चुनाव मैदान में 16 प्रत्याशी बचे हैं। इसमें मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल से दो अभ्यर्थी कल्पना और प्रतिमा शामिल हैं। रजिस्ट्रीकृत राजनीतिक दलों से उपेन्द्र दहायत, धीरेन्द्र सिंह धीरू, नंद किशोर प्रजापति, पुष्पेन्द्र बागरी, राजाभइया कोरी शामिल हैं। अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों में कल्पना वर्मा, दद्दू प्रसाद अहिरवार, बच्चा सिंसोदिया, बाल गोविन्द चौधरी, डॉ राजेन्द्र कुमार वर्मा, राजेन्द्र डोहर, राजेश कुमार सूर्यवंशी, रामगरीब चौधरी और रामनरेश चौधरी शामिल हैं।

सियासी पटकथा का हुआ ऐसा अंत

भाजपा से दावेदार रहीं जुगुलकिशोर बागरी की छोटी बहू वंदना बागरी ने टिकिट न मिलने से बगावत का रास्ता अपनाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना पर्चा दाखिल कर दिया था। हालांकि नामांकन वापसी के एक दिन पहले वंदना को नामांकन वापसी के लिये राजी कर लिया गया था। लेकिन नामांकन वापसी के अंतिम दिन वंदना नामांकन वापस लेने पहुंचती नहीं दिख रही थीं। इधर भाजपा पार्टी के लोग जो आरओ कक्ष में थे उनकी चिंता बढ़ती जा रही थी। जब नामांकन वापसी का समय लगभग आधे घंटे बचा तो भाजपा के फ्लौर मैनेजरों के पास फोन चला गया। वहां हड़कम्प की स्थिति बन गई। आनन फानन में वंदना को नाम वापसी के लिये राजी करने वाले पूर्व जिपं अध्यक्ष को एक बार फिर इसका जिम्मा दिया गया। हालात के मद्देनजर गगनेन्द्र तत्काल वंदना के घर पहुंचे। लेकिन यहां कहानी कल से इतर थी। देवराज एक बार फिर अपनी नई मांग के साथ अड़ गए थे। बमुश्किल वंदना को समझाकर कलेक्ट्रेट के लिये रवाना किया गया और गगनेन्द्र भी उनके साथ दूसरी गाड़ी से साथ चले। इधर वंदना के एजेंट आरओ के यहां नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी करने लगे। लेकिन आरओ ने कहा कि नाम वापसी में वंदना के हस्ताक्षर लगेंगे। इसके बाद वंदना को आरओ कक्ष में लाया गया। यहां वंदना ने जैसे ही आरओ को नामांकन वापसी का फार्म दिया उनके आंसू छलक पड़े। आंसू पोंछ कर सिर नीचे किये खड़ी रहीं। इसके बाद प्रक्रिया पूरी होने पर भी मायूस बाहर निकली। यहां आकर सिर्फ उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन के साथ ही उन्हें रहना है। इस तरह कई दिनों से चल रही सियासी पटकथा का अंत हुआ।

सपा को नहीं मिली साइकिल

मैदान में बचे प्रत्याशियों के लिये प्रतीक आवंटन की प्रक्रिया दोपहर बाद तीन बजे से प्रारंभ की गई। प्रक्रिया जब सपा प्रत्याशी धीरेन्द्र सिंह धीरू तक पहुंची यहां मामला अटक गया। रजिस्ट्रीकृत राजनीतिक दलों के अभ्यर्थियों के लिये चुनाव आयोग ने जो चुनाव चिन्ह भेजे थे उसमें शिवसेना का प्रतीक चिन्ह तीर कमान तो था लेकिन समाजवादी पार्टी का प्रतीक चिन्ह साइकिल नहीं था। प्रतीक आवंटन नियमावाली के तहत सपा प्रत्याशी धीरेन्द्र सिंह धीरू को एअर कंडीशनर दिया गया। जिसका प्रत्याशी ने विरोध कर दिया। जिस पर आयोग से मार्गदर्शन मांगा गया। जिस वजह से लगभग दो घंटे तक प्रतीक आवंटन प्रक्रिया में विलंब हुआ। अंतत: आयोग के जवाब के बाद सपा को उनका चुनाव चिन्ह साइकिल नहीं मिल सका।

दो घंटे रुका रहा प्रतीक आवंटन

जब प्रतीक आवंटन की प्रक्रिया चल रही थी और सपा प्रत्याशी धीरू को एअर कंडीशनर आवंटित किया जाने लगा तो उन्होंने इसका विरोध कर दिया। इनका कहना था कि निवाड़ी में प्रतीक आवंटित कर दिया गया है। यहां क्यों नहीं हो रहा है। इस पर निवाड़ी से पता किया गया तो वहां से बताया गया कि अभी सपा को साइकिल प्रतीक आवंटन नहीं हुआ है। इसके बाद रिटर्निंग ऑफीसर नीरज खरे ने चुनाव आयोग को इसकी जानकारी भेजी और समाजवादी पार्टी के प्रतीक आवंटन के संबंध में जानकारी मांगी। जिस पर लगभग दो घंटे बाद स्पष्टीकरण जारी किया गया। मामले में आरओ नीरज खरे ने बताया कि आयोग ने सपा को साइकिल प्रतीक चिन्ह आवंटन पर सहमति नहीं दी है। लिहाजा उन्हें साइकिल चुनाव चिन्ह नहीं दिया जा रहा है। प्रतीक आवंटन प्रक्रिया के तहत उन्हें एअर कंडीशनर दिया जा रहा है।

यह मिले चुनाव चिन्ह

कल्पना वर्मा – इंडियन नेशनल कांग्रेस – हाथ

प्रतिमा बागरी – भारतीय जनता पार्टी – कमल

उपेन्द्र दहायत – शिवसेना – तीर कमान

धीरेन्द्र सिंह धीरू- समाजवादी पार्टी – एअर कंडीशनर

नंद किशोर प्रजापति – पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) – फलों से युक्त टोकरी

अधिवक्ता पुष्पेन्द्र बागरी- राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी – आलमारी

राजाभइया कोरी – सैनिक समाज पार्टी – छड़ी

कल्पना वर्मा – निर्दलीय – सेव

द²ू प्रसाद अहिरवार – निर्दलीय – रूम कूलर

बच्चा सिसोंदिया – निर्दलीय – ऑटो रिक्शा

बाल गोविंद चौधरी – निर्दलीय – कड़ाही

डॉ राजेन्द्र कुमार वर्मा – निर्दलीय – रोड रोलर

राजेन्द्र डोहर – निर्दलीय – बेबी वॉकर

राजेश कुमार सूर्यवंशी- निर्दलीय – गुब्बारा

राम गरीब चौधरी – निर्दलीय – चारपाई

रामनरेश चौधरी – निर्दलीय – कैंची



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