बच्‍चों के हाथ, पैर और मुंह पर दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान! तेजी से फैल रही है ये नई बीमारी

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सागर : बच्चे इन दिनों शरीर पर लाल दाने, मुंह में छाले और बुखार से पीड़ित हैं। दाने हाथ, पैर और शरीर के पिछले हिस्से में तेजी से बढ़ रहे हैं। मुंह में छाले पड़ने से बच्चे कुछ खा भी नहीं पा रहे हैं। एक बच्चे से दूसरे बच्चे में यह रोग तेजी से फैल रहा है। मंकीपॉक्स की आशंका में बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। डॉक्टर इसे हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज (एचएफएमडी) बता रहे हैं। यह संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों में से एक है और 3 से 8 साल तक के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

शुरुआती लक्षण
– हाथ, मुंह और पैर पर सफेद या लाल दाने या छाले पड़ना
– गले में खरास, बुखार के बाद चेहरे और होंठ के अंदर दाने निकलना
– थकान और भूख ना लगना

विशेषज्ञों से जानें- क्या करें, क्या नहीं
शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत आनंद असाटी ने बताया कि लाल दाने, मुंह में छाले और बुखार से पीड़ित बच्चे पिछले दो माह से अधिक आ रहे है, एचएफएमडी में लक्षणों के आधार पर इलाज किया जा रहा है। यदि बच्चे को बुखार है तो बुखार की दवा और छाल पड़े हैं तो उसकी दवा दी जाती है। कई बच्चों के गले में खराश होने लगती है और दाने में जलन भी। यह रोग अपने-आप खत्म हो जाता है लेकिन सतर्कता बरतनी बहुत जरूरी है। अभिभावकों के लिए सलाह है कि घबराए नहीं, सफाई रखें और यदि बच्चे में ऐसे लक्षण दिखते है तो बच्चे को दूसरे बच्चों से दूर रखें। छाले से बच्चा कुछ खा नहीं पाता है इसलिए उसे लिक्विड ज्यादा से ज्यादा दें। बच्चे चिड़चिड़े भी हो जाते हैं इसलिए उनसे प्यार से पेश आएं और पानी अधिक से अधिक पिलाएं।

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अपवाहों से दूर रहे: बच्चों के शरीर पर लाल दाने और लंपी वायरस में नहीं है कोई संबंध
विशेषज्ञ डॉ. अजीत आनंद असाटी ने कहना है कि गोवंशीय पशुओं में फैलने वाली बीमारी लम्पी वायरस से बच्चों में होनी वाली हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज का कोई संबंध नहीं है। अभिभावक अपवाहों पर ध्यान न दे और जरा भी संका या बच्चों में लक्षण दिखे तो डॉक्टर परामर्श जरुर लें.

यह न दें:
गर्म पदार्थ, तैलीय खाद्य पदार्थ, मिर्च-मसाला वाले खाद्य पदार्थ, खट्टू फलों के जूस।

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यह करें:
बच्चे के नाखून काट दें, कपड़े, तौलिया, बेडशीट दूसरे कपड़ों से अलग रखें और गर्म पानी से धोएं। डाक्टर की सलाह जरूर लें और बुखार ज्यादा चढ़ जाए तो पानी से शरीर पोंछें।

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अभी तक नहीं है कोई विशेष इलाज :
मुंह या जीभ पर छाले होना, हथेली और पैर के तलवों पर लाल दाने और घाव होने लगते है। यह आवश्यक नहीं है कि सभी मरीजों में ये सारे लक्षण सामने आएं। ऐसा भी हो सकता है कि बीमार व्यक्ति में केवल गले में खराश और त्वचा पर लाल चकते ही आएं। इस बिमारी का अभी तक कोई विशेष इलाज नहीं है। केवल लक्षण के आधार पर इलाज किया जाता है। मरीजों को अधिक पानी पीने और आराम करने की सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी नहीं कोई एडवाइजरी

सागर और आस-पास की इलाकों में बच्चों में यह बीमारी तेजी से फ़ैल रही है, लेकिन फ़िलहाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश एवं जिले स्थर पर कोई भी एडवाइजरी जारी नहीं की गई है।



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