MP Mayor Result: 57 साल बाद सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस ने दिया सबसे बड़ा जख्म, बीजेपी का 7 शहरों पर कब्जा

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MP Nikay Chunav Result: बीजेपी राजधानी भोपाल, उज्जैन, इंदौर समेत 7 नगर निगम में पर कब्जा कर लिया है। लेकिन पार्टी को सबसे बड़ा जख्म ग्वालियर में मिला है। यहां पर 57 साल बाद कांग्रेस जीती है। कांग्रेस मेयर उम्मीदवार शोभा सिकरवार ने बीजेपी की सुमन शर्मा को हरा दिया है।

 

भोपाल: मध्यप्रदेश में नगर निकाय चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। 11 नगर निगमों के नतीजे आ गए हैं। 3 सीट कांग्रेस और एक आम आदमी के खाते में गई है, जबकि 7 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की। भोपाल में बीजेपी की महापौर प्रत्याशी मालती राय की जीत हुई है। इंदौर में बीजेपी प्रत्याशी पुष्यमित्र भार्गव जीते हैं। वहीं, ग्वालियर और जबलपुर में कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी जगत बहादुर और शोभा सिकरवार की जीत हुई है।

57 साल बाद कांग्रेस ग्वालियर में कांग्रेस की जीत

भले ही बीजेपी राजधानी भोपाल, उज्जैन, इंदौर समेत 7 नगर निगम में पर कब्जा कर लिया है। लेकिन पार्टी को सबसे बड़ा जख्म ग्वालियर में मिला है। यहां पर 57 साल बाद कांग्रेस जीती है। कांग्रेस मेयर उम्मीदवार शोभा सिकरवार ने बीजेपी की सुमन शर्मा को हरा दिया है। बता दें कि बीजेपी उम्मीदवार सुमन शर्मा के पक्ष में सीएम शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रचार किया था, बावजूद इसके पार्टी प्रत्याशी को जीता नहीं सके।

मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में मेयर के परिणाम

  1. उज्जैन- मुकेश टटवाल- BJP
  2. खंडवा- अमृता यादव- BJP
  3. बुरहानपुर- शोभा सिकरवार-BJP
  4. सागर-संगीता तिवारी – BJP
  5. सतना-योगेश ताम्रकार- BJP
  6. इंदौर-पुष्यमित्र भार्गव-BJP
  7. भोपाल-मालती राय- BJP
  8. जबलपुर-जगत बहादुर सिंह-INC
  9. छिन्दवाड़ा- अनंत धुर्वे- INC
  10. ग्वालियर- शोभा सिकरवार- INC
  11. सिंगरौली- माधुरी पटेल- AAP

दो नेताओं की लड़ाई बीजेपी पर पड़ी भारी?
ग्वालियर दो केंद्रीय मंत्रियों- नरेंद्र सिंह तोमर ( Narendra Singh Tomar ) और ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia )- का गृह क्षेत्र है, लेकिन दोनों के बीच मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं। मार्च, 2020 में महाराज के बीजेपी ज्वॉइन करने से पहले सिंधिया और तोमर एक-दूसरे के पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी थे। उनकी यह प्रतिद्वंद्विता अब भी बरकरार है। दोनों के समर्थक अब भी आपस में भिड़ते रहते हैं। दोनों नेता विरले ही एक मंच पर नजर आते हैं। बीजेपी संगठन को भी ग्वालियर में सिंधिया और तोमर के बीच मतभेदों का अंदाजा है। समस्या यह है कि सिंधिया से मुकाबले में तोमर को अपनी पार्टी के उन नेताओं का भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग मिल रहा है जो महाराज के बढ़ते प्रोफाइल से चिंतित हैं। शायद यही कारण है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में अपने साथ सिंधिया और तोमर को लेकर रोड शो किया था।

सिंधिया की नाराजगी पड़ी भारी!
ग्वालियर में बीजेपी के लिए चुनौतियों की शुरुआत मेयर पद के लिए प्रत्याशी चयन के दौरान ही हो गई थी। पार्टी के अलग-अलग गुट नॉमिनेशन के अंतिम दिन तक मेयर प्रत्याशी को लेकर एकमत नहीं थे। नरेंद्र सिंह तोमर और सिंधिया अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के लिए अड़े हुए थे। अंतिम समय में तोमर को गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का साथ मिला। सिंधिया को पटकनी देने के लिए दोनों एक साथ आ गए। दोनों मिलकर पार्टी नेतृत्व को मनाने में सफल रहे, लेकिन उनकी जुगलबंदी पर सिंधिया की नाराजगी शायद भारी पड़ी। सिंधिया के समर्थक कार्यकर्ता सुमन शर्मा के लिए उतने सक्रिय नहीं हो सके। कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सिकरवार के पति पहले बीजेपी में थे। शोभा को इसका फायदा भी मिला।

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Web Title : mp mayor result bjp win bhopal inodre and lost gwalior jabalpur
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