केवल 75 दिनों में…PM मोदी ने 2023 के शुरुआती महीनों में भारत की उपलब्धियां गिनाई, बताया कैसे 2014 के बाद बदली मीडिया की हेडलाइन्स

स्टोरी शेयर करें


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2023 के समापन दिवस पर मुख्य भाषण दिया। पीएम मोदी ने कॉन्क्लेव की थीम ‘द इंडिया मोमेंट’ की सराहना की और इस वर्ष के पहले 75 दिनों में भारत की उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि आज दुनिया के बड़े-बड़े इकोनॉमिस्ट, एनालिस्ट, थिंकर्स सभी कह रहे हैं कि ये भारत का समय है। मैंने 20 महीने पहले लालकिले से कहा था- यही समय है, सही समय है। तब भी भावना यही थी- इट्स इंडिया मूवमेंट। आज योग पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो चुका है। आज आयुर्वेद को लेकर उत्साह है। भारत के खान-पान को लेकर उत्साह है। आज भारतीय फिल्में, भारतीय संगीत नई ऊर्जा के साथ लोगों को अपना दीवाना बना रहे हैं। हमारे मिलेट्स श्री अन्न भी पूरी दुनिया में पहुंच रहे हैं। आज भारत, ग्लोबल फिनटेक adoption rate में नंबर वन है।आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर है। आज भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम है।
2.5 लाख करोड़ सीधे किसानों के बैंक खातों में गए
पीएम मोदी ने कहा कि पहले चुनाव को देखते हुए किसानों के कर्ज माफी की घोषणाएं होती थी। लेकिन करोड़ों किसानों के पास बैंक खाते ही नहीं थे और किसी और स्रोतों से कर्ज लिया करते थे। उन्हें कर्ज माफी का कोई लाभ नहीं मिलता था। हमने इस परिस्थिति को भी बदला। पीएम किसान सम्मान निधि से अभी तक लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा गया है।

इसे भी पढ़ें: George Soros Part I | अराजकता के एजेंट जॉर्ज सोरोस की कहानी, भारत पर क्यों है नजर

वैश्विक संकट के बीच भारत का अर्थतंत्र मजबूत 
आज भारत जो कुछ हासिल कर रहा है। उसके पीछे हमारी democracy की ताकत है, हमारे Institutions की शक्ति है। दुनिया आज देख रही है कि आज भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार, निर्णायक फैसले ले रही है। वैश्विक संकट के बीच आज भारत का अर्थतंत्र मजबूत है, बैंकिंग सिस्टम मजबूत है, ये हमारे Institutions की ताकत है। हमने दूर सुदूर तक कोरोना की वैक्सीन पहुंचाई। ये हमारे Institutions की ताकत है। ये सफलता ही कुछ लोगों को चुभती है। 

इसे भी पढ़ें: George Soros Part VI | जॉर्ज बुश को हटाने के लिए खर्च किए 125 करोड़, ब्रेग्जिट के खिलाफ कैंपेन में लगाए 4 लाख पाउंड

दिल से दिल्ली की दूरी
यूक्रेन संकट के दौरान देश के हजारों परिवार अपने बच्चों को लेकर चिंतित थे। हम लगभग 14,000 परिवारों से जुड़े और प्रत्येक घर में सरकार का एक प्रतिनिधि भेजा, उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ है। यहां भी हमने शासन को मानवीय स्पर्श से जोड़ा। अब सरकार के मंत्री नियमित रूप से पूर्वोत्तर का दौरा करते हैं, और यहां तक ​​कि मैं भी 50 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा कर चुका हूं।



स्टोरी शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Pin It on Pinterest

Advertisements
%d bloggers like this: