Farmers Protest: पंजाब में टूटते टावर, फूटता गुस्सा…शहर-शहर ATM कैश, ऑनलाइन पेमेंट पर ‘ब्रेक’

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चंडीगढ़
तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की ओर से पंजाब के गांवों और कस्बों में जियो मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाया गया जिससे कई इलाके प्रभावित हुए हैं। लोगों की रोजाना जरूरतों से लेकर कारोबार पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अब तक 1500 से अधिक मोबाइल टावरों में तोड़फोड़ हो चुकी है। पंजाब सरकार की सख्त चेतावनी के बावजूद मोबाइल टावरों को निशाना बनाने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को करीब 63 टावर को नुकसान पहुंचाया गया। दिल्ली से किसान नेताओं ने मोबाइल टावरों को नुकसान न पहुंचाने की अपील की तो वहीं बीजेपी ने इसे कांग्रेस की साजिश करार दिया।

एटीएम से पैसे नहीं निकाल पा रहे लोग
मोबाइल नेटवर्क न मिलने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एटीएम से पैसे निकालने और ऑनलाइन पेमेंट में दिक्कतें आ रही हैं। किसी से न बात न कर पाने की वजह से लोग देश और दुनिया से कटा हुआ महसूस कर रहे हैं। बिजनस पर भी इसका बुरा असर देखने को मिल रहा है। नेटवर्क न होने से लोग एटीएम से पैसे भी नहीं निकाल पा रहे हैं। कई लोगों ने अपना एटीएम ओटीपी पर कराया है। नेटवर्क न होने से कैश निकालते वक्त मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रहा है जिससे लोग रोजाना खर्च या इलाज के लिए भी पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं।

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अंबानी-अडानी से किसानों की नाराजगी
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बिजली की आपूर्ति और फाइबर केबल को काट दिया है और जनरेटर को क्षतिग्रस्त कर दिया है। दरअसल मोबाइल टावरों का किसानों के गुस्से के पीछे कारण अंबानी और अडानी हैं। किसानों का मानना है कि इन कृषि कानूनों का सबसे अधिक फायदा मुकेश अंबानी और गौतम अडानी को होगा। इसी वजह से अंबानी की दूरसंचार कंपनी के टावर किसानों के निशाने पर हैं। हालांकि, रिलायंस समूह और अडानी समूह की कंपनियां किसानों से अनाज खरीदने के कारोबार में नहीं हैं।

700 टावर की मरम्मत की गई
पिछले कुछ दिन के दौरान जिन टावरों को नुकसान पहुंचाया गया है उनमें से लगभग 700 की जियो ने मरम्मत कर दी है। मंगलवार दोपहर तक 826 साइटें बंद थी। सूत्रों ने बताया कि अमृतसर, बठिंडा, चंडीगढ़, फिरोजपुर, जालंधर, लुधियाना, पठानकोट, पटियाला और संगरूर वगैरह पर टावर को नुकसान पहुंचाया गया। जियो के राज्य में 9,000 से अधिक टावर हैं।

सीएम ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को पुलिस को मोबाइल टावरों को निशाना बनाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य में किसी भी कीमत पर अराजकता की स्थिति पैदा नहीं होने देंगे और किसी को कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने इस बारे में कई बार अपील की, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया। इस वजह से उन्हें अपना रुख सख्त करना पड़ रहा है। कैप्टन ने कहा भी कि अगर मोबाइल सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इससे आम लोग… विद्यार्थी, घर से काम कर रहे पेशेवरों के अलावा बैंकिंग सेवाओं पर भी असर पड़ेगा।

दिल्ली से किसान नेताओं की अपील
दिल्ली में आंदोलन स्थल पर मौजूद किसान नेताओं ने मंगलवार को अपील कर कहा कि इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। मोबाइल फोन टावरों को नुकसान पहुंचाने में किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए, किसान नेताओं ने सिंघु सीमा से अपनी अपील में कहा कि किसी भी कंपनी के मोबाइल टॉवर और बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने केवल कंपनी के बहिष्कार का आह्वान किया था।

पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठनों में से एक बीकेयू एकता उग्रहण के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह मोबाइल टावरों या अन्य सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कृत्य के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे विभिन्न किसान संगठनों ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने को कहा है।

1500 से अधिक मोबाइल टावर तोड़े गए
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा था कि किसानों के आंदोलन के दौरान राज्य में 1,561 मोबाइल टॉवर प्रभावित हुए हैं। उन्होंने दूरसंचार सेवाओं को बाधित करने और तोड़फोड़ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का पुलिस को निर्देश दिया है। सोमवार को एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य में कुल 1,561 मोबाइल टावर प्रभावित हुए हैं। राज्य के 22 जिलों में कुल 21,306 मोबाइल टॉवर हैं।

‘संचार व्यवस्था बिगाड़ने के लिए कांग्रेस की साजिश’
उधर बीजेपी के महासचिव तरूण चुघ ने मंगलवार को आरोप लगााया कि सीमावर्ती राज्य पंजाब में संचार व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए कांग्रेस समर्थित साजिश है । चुघ ने आरोप लगाया, ‘पंजाब की अमरिंदर सिंह सरकार राज्य में विध्वंसक ताकतों का समर्थन कर रही है, जिसने किसान आंदोलन की आड़ में प्रदेश में शहरी नक्सलवाद को हवा दी है।’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘संचार माध्यमों को क्षतिग्रस्त करने के अलावा ऐसे तत्व सड़क एवं रेल मार्ग को जाम करेंगे और टोल प्लाजा को अवरूद्ध कर देंगे… पंजाब में संचार प्रणाली को बिगाड़ने के लिये कांग्रेस समर्थित साजिश है।’



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