ऑनलाइन सेशन में महिला डॉक्टरों के सामने मरीजों की अश्लील हरकतें

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नई दिल्ली
डॉक्टर के साथ 24X7 ऑनलाइन कंसलटेशन देने वाली वेबसाइटों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। ये साइट महिला डॉक्टरों के उत्पीड़न का अड्डा बन गए हैं। उधर, वेबसाइट इसकी जानकारी पुलिस को देने के बजाए इसे छिपाने की कोशिश कर रहे हैं और कुछ ऐसे तकनीक लगा रहे हैं जिससे ऐसे मामले कम हो जाए लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल रही है। फर्जी मरीज महिला डॉक्टरों से अश्लील हरकत करते हैं और भद्दे कमेंट भी कर रहे हैं।

महिला डॉक्टर के सामने मास्टरबेट कर रहे मरीज!
ऑनलाइन कंसल्टेशन के दौरान मरीज महिला डॉक्टरों के सामने मास्टरबेट और भद्दी-भद्दी बातें करने लग रहे हैं। बता दें कि रेग्युलेटरी ने इस साल मई में एक आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया था टेलीमेडिसिन कंसलटेशन में मरीज और डॉक्टर का एक-दूसरे को जानना जरूरी है। लेकिन ज्यादातर वेबसाइट इस नियम को नहीं मान रहे हैं। यहां तक कि अधिकतर मामलों में तो ऐसा हो रहा है कि वेबसाइट पर रजिस्ट्रेनश के सेकंड और मिनटों बाद मरीजों को कंसलटेशन के लिए डॉक्टर मिल जा रहे हैं।

अलग-अलग नंबरों से महिला डॉक्टरों का कर रहे उत्पीड़न
मरीज अलग-अलग आईडी नंबर से वेबसाइट पर रिजस्ट्रेशन कराकर महिला डॉक्टरों का उत्पीड़न कर रहे हैं। पुरुष मरीज महिला मरीज के नाम पर रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं और डॉक्टरों को यह तब पता चलता है जब वह मरीज को अटेंड करना शुरू करते हैं। एक महिला डॉक्टर के उत्पीड़न के बाद अगर मरीज को वेबसाइट पर ब्लॉक किया जा रहा है तो मरीज किसी दूसरे महिला डॉक्टर को निशाना बना रहे हैं। वेबसाइटों ने ऐसे मरीजों की पहचान या उसे ब्लॉक करने या फिर उसकी शिकायत के लिए कुछ नहीं किया है।

वेबसाइट पर मिल रहे अनिलिमटेड ऑफर
कुछ सौ रुपये में कंसलटेशन इन वेबसाइट पर ऑफर की जा रही है। ज्यादातर वेबसाइट अनलिमिटेड फ्री कंसलटेशन या एक दिन में सीमित आधार पर कंसलटेशन प्रदान करा रहे हैं। एक डॉक्टर ने बताया, ‘यह बड़ा ही डरावना होता है, खासतौर पर पहली बार। ज्यादातर इस तरह की कॉल रात में होती है। अब हमने कंपनियों से आग्रह किया है कि रात में वे पुरुष डॉक्टरों को ड्यूटी पर रखें। कंपनियों ने मंथली सब्सक्रिप्शन में महीने भर के लिए अनलिमिटेड कंसलटेशन देना भी बंद कर रही हैं। इस कारण हमें अब ऐसे कॉल कम आ रहे हैं।’

बड़ी कंपनियों की महिला डॉक्टरों का हो रहा यौन उत्पीड़न
चाहे टेलिकंसलटेशन देने वाली प्रैक्टो () हो या फिर धानी () यहां काम करने वाले डॉक्टरों को मरीजों से यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टर यह कोशिश करते हैं कि कंसलटेशन के लिए आने वाले मरीज की पहचान सुनिश्चित हो लेकिन वेबसाइटों ने अभी तक कोई भी ऐसा मैकनिजम नहीं बनाया है जिससे इस तरह की घटनाएं कम हों।

मरीज महिला डॉक्टरों पर भद्दे कमेंट करते हैं
ऐसे कई उदाहरण हैं जहां पुरुषों का सूमह किसी महिला डॉक्टर को फोन कर उनसे भद्दी बातें या भद्दे कमेंट या अश्लील हरकते करते हैं। कुछ मामलों में तो डॉक्टरों का उत्पीड़न सोशल मीडिया प्लेटफार्म तक पहुंच जाता है और ऐसे मरीज फेसबुक, इंस्टाग्राम पर डॉक्टरों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं और उनसे उनके पर्सनल नंबर की मांग करते हैं। इन वजहों से डॉक्टर अपनी प्राइवेसी सेटिंग तक चेंज कर रहे हैं।

महिला डॉक्टर अब हो रही हैं सावधान
धानी में काम करने वालीं एक डॉक्टर ने कहा, ‘यह हमारी नौकरी का सामान्य हिस्सा नहीं हो सकता है। अब हम ज्यादा सावधान हैं और अब यह जान जाते हैं कि कौन मरीज गलत है। जैसे ही हमे ये भनक लगती है हम उनका फोन काट देते हैं और उस शख्स को ब्लॉक कर देते हैं। लेकिन हमें इसका कोई फायदा नहीं होता है क्योंकि ऐसे कॉल के लिए हमें कोई कमिशन नहीं मिलता है।’ बता दें धानी डॉक्टरों को 40-45 हजार सैलरी और हर कंसलटेशन पर जिसमें मरीजों का पर्चा बनता है, कमिशन देती है। आम तौर पर हर कंसलेटशन के लिए डॉक्टरों को करीब 64 रुपये कमिशन के मिलते हैं।

कंपनियों ने कहा- हमारे पास पुख्ता मैकनिजम
धानी के प्रवक्ता ने बताया कि धानी हेल्थकेयर एक नया वेंचर है और एक महीने में चीजें ठीक हो जाएंगी। हालांकि, कंपनी इस मुद्दे पर कंपनी ने कोई फॉर्मल बयान जारी करने से इनकार कर दिया। प्रैक्टो ने हमारे सहयोगी अखबार Times Of India के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों को हम बर्दाश्त नहीं करते हैं। सभी मरीजों का अकाउंट OTP के जरिए वेरीफाइ किया जाता है। साथ ही हमारे ऐप में यह भी व्यवस्था है कि डॉक्टर ऐसे मरीजों को तुरंत फ्लैग कर दे। एक डॉक्टर ने बताया कि OTP वेरीफिकेशन से यह पता नहीं चल पता है कि जो नंबर दिया गया है वह मरीज ही इस्तेमाल कर रहा है। यहां तक कि इससे शख्स की पहचान का भी पता नहीं चल पाता है।



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