अरुणाचल में पार्टी की टूट को लेकर बीजेपी को घेरा, बड़ा सवाल- क्या गठबंधन में सब ठीक नहीं

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पटना
बिहार में सत्ताधारी जेडीयू-बीजेपी गठबंधन में क्या सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है? ये सवाल इसलिए उठे हैं क्योंकि जेडीयू ने कई अहम मुद्दों को लेकर बीजेपी के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। खास तौर से लव जिहाद (Love Jihad) के मुद्दे पर जिस तरह से बीजेपी शासित राज्यों में कानून बनाने की कवायद शुरू हुई है उस पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने निशाना साधा है। इस बीच, सीएम नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह (RCP Singh) को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर कई संदेश दे दिया है। अध्यक्ष बनते ही सिंह ने बीजेपी के खिलाफ हमला भी बोल दिया अरुणाचल में पार्टी की टूट पर संकेतों में बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे दोस्तों के खिलाफ साजिश नहीं रचते और ना ही धोखा देते देते हैं। बता दें, अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के सात में से छह विधायकों ने पाला बदलते हुए बीजेपी को जॉइन कर लिया था।

नीतीश के ‘चाणक्य’ का बीजेपी पर हमला
आरसीपी सिंह ने इशारों में बीजेपी को संदेश देते हुए रविवार को कहा था कि हम जिसके साथ रहते हैं, पूरी ईमानदारी के साथ रहते हैं। बिहार चुनाव में सहयोगी का वोट जेडीयू में ट्रांसफर नहीं हुआ, लेकिन हमारा वोट उनमें ट्रांसफर हुआ। इसलिए उनकी सीट बढ़ गईं। अरुणाचल की घटना को लेकर आरसीपी सिंह ने कहा कि हम अपने सहयोगियों के खिलाफ साजिश नहीं रचते हैं और ना ही किसी को धोखा देते हैं। लेकिन हमारे इस संस्कार को कोई कमजोरी न समझें, हमारे संस्कार बहुत मजबूत हैं। कोई हिला नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि हम पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे और अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से निभाएंगे।

लव जिहाद पर भी जेडीयू ने अपनाए सख्त तेवर
जेडीयू के दिग्गज नेता केसी त्यागी () ने कहा कि लव-जिहाद को लेकर देश में घृणा का माहौल पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू विधायकों के बीजेपी में शामिल किए जाने पर भी गहरी नाराजगी जताई है। लव जिहाद के खिलाफ कानून को लेकर बीजेपी नेताओं की ओर से किए जा रहे समर्थन पर भी जेडीयू नेता ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति और धर्म के दो वयस्क अपने रिश्ते बनाने को लेकर स्वतंत्र हैं। लव-जिहाद पर कानून बनाने की बात स्वतंत्र लोकतंत्र व्यवस्था के खिलाफ है। जिस प्रदेश में भी लव-जिहाद को लेकर कानून बने हैं, उसे जेडीयू अच्छा नहीं मानती है।

‘अरुणाचल में हुआ घटनाक्रम गठबंधन की राजनीति के लिए ठीक नहीं’
जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रविवार को पार्टी ने कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। सबसे बड़ा फैसला पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने लिया, जिन्होंने अपने कार्यकाल के करीब एक साल से ज्यादा समय बचे होने के बावजूद अपना उत्तराधिकारी चुन लिया। आरसीपी सिंह को पार्टी का नया अध्यक्ष चुना गया। बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में हुआ सियासी घटनाक्रम गठबंधन की राजनीति के लिए ठीक नहीं है। अटल बिहारी वाजपेयी के अटल धर्म का पालन सभी घटक दलों को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू विधायकों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने के बजाय पार्टी में शामिल कर लिया। जेडीयू ने बिहार में कभी ऐसा नहीं किया। अरुणाचल प्रदेश के मामले पर जेडीयू आहत है।

नीतीश ने भी अरुणाचल के सियासी घटनाक्रम पर तोड़ी चुप्पीबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अरुणाचल के घटनाक्रम पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल में जेडीयू के 7 में से 6 विधायकों को तोड़ लिया गया। कई लोगों ने कई तरह की बातें बताई हैं। हमारे मनोबल को तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन हम घबराते नहीं हैं। नीतीश कुमार ने कहा, ‘मैं तो 2015 में भी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनना चाहता था। लेकिन शरद यादव जी ने जबरदस्ती अध्यक्ष बनवाया दिया था।’

नीतीश ने बताया- क्यों सौंपी आरसीपी सिंह को पार्टी की जिम्मेदारी आरसीपी सिंह को पार्टी की कमान सौंपे जाने पर सीएम नीतीश ने कहा, ‘आरसीपी सिंह को पार्टी की कमान बहुत सोच समझ कर सौंपी है क्योंकि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए पार्टी का सारा काम सही से नहीं देख पा रहा था। पार्टी को भी देखना है और राज्य को भी। लिहाजा संगठन के विस्तार का काम आरसीपी बाबू को सौंपा है। अब वो इस काम को सही तरीके से देखेंगे।’



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