Amit shah in Manipur: नॉर्थ-ईस्ट में विकास की बाढ़, मणिपुर को इनर लाइन परमिट…अमित शाह ने गिनाए एक-एक काम

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इंफाल
गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मणिपुर में पहुंचे यहां उन्होंने कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। कांग्रेस और बीजेपी सरकार के कार्यों की तुलना की और कहा कि वह सिर्फ शिलान्यास करते थे, कभी कोई योजना पूरी नहीं की लेकिन बीजेपी न सिर्फ योजनाएं शुरू करती है बल्कि उसका उद्घाटन भी कर रही है। उन्होंने अपने भाषण के दौरान बीजेपी सरकार के किए गए कार्यों का ब्यौरा दिया।

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने सिर्फ भूमि पूजन किए। भूमि पूजन करके भाग गए। उदघाटन सारे हमारे हिस्से में आ गए। उन्होंने कहा कि मणिपुर की कानून-व्यवस्था की चर्चा होती थी। हमेशा यहां बंद होता था लेकिन बीजेपी सरकार बनने के बाद मणिपुर बंद नहीं हुआ। अब मणिपुर विकास के पथ पर है। यहां पानी की बाढ़ आती थी लेकिन अब विकास की बाढ़ आ रही है। पिछले तीन साल में मणिपुर का चेहरा बदल दिया है।

पीएम ने दी इनरलाइन परमिट
अमित शाह ने कहा कि मूल निवासियों के लिए इनर लाइन परमिट की मांग करते-करते मणिपुर वाले भूल गए थे। सितंबर 2019 में पीएम मोदी ने तय किया कि इनर लाइन परमिट मणिपुर को न देना मणिपुर के मूल निवासियों के साथ अन्याय है और मांगे बगैर इनर लाइन परमिट देने का काम किया।

2500 उग्रवादियों ने डाले हथियार
मणिपुर नक्सलवाद के लिए जाना जाता था। एक के बाद एक सारे नक्सलवादों ने हथियार डाल दिए। हिंसा कम हुई है। जो नक्सलवाद बचे हैं जल्द ही वह भी मेन स्ट्रीम में आ जाएंगे। 8 अलग-अलग उग्रवादियों के संगठन के 2500 से ज्यादा लोगों ने हथियार डाले।

तीन साल में 30 फीसदी लोगों को पीने का शुद्ध पानी
2004 के बाद कांग्रेस की मनमोहन सरकार आई। सिंचाई परियोजना पर काम नहीं हुई। 2016 में पीएम मोदी की सरकार आने के बाद 462 करोड़ देकर 33 हेक्टेयर की सिंचाई की योजना शुरु की। पहले सिर्फ तीन फीसदी लोगों को ही पीने का शुद्ध पानी मिलता था। तीन साल में अब तीस फीसदी लोगों को पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है।

क्या है इनर लाइन परमिट, समझिए
दरअसल, इनर लाइन परमिट एक यात्रा दस्तावेज है। इसे भारत सरकार अपने नागरिकों के लिए जारी करती है ताकि वे किसी संरक्षित क्षेत्र में निर्धारित समय के लिए यात्रा कर सकें। नॉर्थ ईस्ट के राज्यों के लिए इनर लाइन परमिट का इस्तेमाल अंग्रेजी शासन के समय से किया जाता है। अंग्रेजों के शासन काल में सुरक्षा उपायों और स्थानीय जातीय समूहों के संरक्षण के लिए 1873 के रेग्युलेशन में इसका प्रावधान किया गया था।

अमित शाह ने गिनाए बीजेपी के ये भी काम
– खेल के लिए सेंट्रल खेल यूनिवर्सिटी
– मेडिकल कॉलेज खुलेगा।
– पांच योजनाएं सिंचाई की तीन साल में पूरी हुईं।
– 1186 युवाओं ने मणिपुर में स्टार्टअप शुरू किया।
– इलाकों को जोड़ने के लिए सड़कें, जिससे टूरिज्म को फायदा
– 33 फीसदी बजट स्थानीय समुदायों और पिछड़े इलाकों के लिए दिया गया।
– तीन साल में 222 प्रतिशत की वृद्धि पर्यटन में हुई।
– 13 वित्त आयोग की तुलना में अब बजट 251 फीसदी बढ़ा है।
– 34 फीसदी केंद्रीय बजट में वृद्धि की गई।
– पांच प्रमुख राजधानियों को रेल लाइन से जोड़ना।
– वायु परियोजना शुरू की गई।
– तीन प्रमुख सड़कें बनाई गईं।



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