लद्दाख में तनावः जल्द हो अगले दौर की सैन्य वार्ता, भारत-चीन दोनों सहमत

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नई दिल्ली
लाइन ऑफ ऐक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत और चीन के बीच तनाव अभी समाप्त नहीं हुआ है। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल्स के मुताबिक, पूर्वी लद्दाख में LAC से सैनिकों के ‘जल्दी और पूरी तरह डिसइंगेजमेंट’ के लिए अगले दौर की सैन्य स्तर की बातचीत जल्द होनी चाहिए। भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस बात की जानकारी दी।

विभिन्न चैनलों के जरिए लगातार संपर्क में भारत चीन
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सीमा विवाद (India China Border Dispute) के बीच भारत और चीन लगातार विभिन्न चैनलों के जरिए बातचीत कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया, ‘राजनयिक और सैन्य दोनों स्तर पर बातचीत जारी है। चर्चा के जरिए दोनों देशों को एक-दूसरे का स्टैंड जानने में मदद मिली है। सीमा विवाद को लेकर आखिरी बातचीत 18 दिसंबर को संपन्न हुई।’

पिछले हफ्ते हुई थी कूटनीतिक स्तर पर बातचीत
दोनों देशों के बीच हुई वर्चुअल मीटिंग में भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में LAC के पास सभी फ्रिक्शन पॉइंट्स पर जल्द से जल्द सैनिकों के पूरी तरह से डिसइंगेजमेंट को लेकर सहमति जताई है। भारत चीन सीमा मामलों पर बने वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन ऐंड को-ऑर्डिनेशन (WMCC) के तहत पिछले हफ्ते ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हुई थी।

चीनी जलक्षेत्र में फंसे दो जहाजों के मुद्दे पर भी हुई बात
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से चीनी जलक्षेत्र में फंसे दो जहाजों और उनपर पर सवार चालक दल के 39 भारतीय सदस्यों की मानवीय जरूरतों का ध्यान रखने और इस मुद्दे के जल्द समाधान निकालने के लिए भारत, चीनी प्रशासन के साथ लगातार सम्पर्क में है। मालवाहक पोत एमवी जग आनंद 13 जून से चीन के हुबेई प्रांत में जिंगटांग बंदरगाह के पास खड़ा है और उस पर 23 भारतीय नागरिक चालक दल के रूप में सवार हैं। उन्होंने बताया कि एक अन्य पोत एमवी अनासतासिया पर 16 भारतीय नागरिक चालक दल के रूप में हैं और यह 20 सितंबर से चीन के कोओफिदियन बंदरगाह के पास खड़ा है और माल के निपटारे का इंतजार कर रहा है।

(एजेंसियों के इनपुट्स के साथ)



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