दिल्ली से लखनऊ जाने वाली तेजस ट्रेन को अब अयोध्या तक चलाने की तैयारी

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नई दिल्ली/अयोध्या
दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली पहली प्राइवेट ट्रेन को अब अयोध्या में श्रीराम के चरणों तक चलाने की तैयारी चल रही है। आईआरसीटीसी ने लखनऊ से अयोध्या तक इस ट्रेन को चलाने का एक प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। हालांकि, अभी तक रेलवे बोर्ड की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। आईआरसीटीसी की योजना है कि इस ट्रेन को जनवरी के अंत तक अयोध्या के लिए चला दिया जाए।

आईआरसीटीसी के एक अधिकारी के मुताबिक तेजस को अयोध्या तक चलाने के लिए लागत, सिग्नलिंग, ट्रैक की सभी तैयारी कर ली गई है। ट्रेन चलाने के लिए ट्रैक पर कितनी और लागत आएगी इसका भी आकलन कर लिया गया है। दिल्ली से लखनऊ तक जो किराया लगता है उसमें करीब डेढ़ सौ किलोमीटर का और किराया जोड़कर इसे चलाया जाएगा।

किराए पर ज्यादा नहीं पड़ेगा असर
अधिकारी के मुताबिक किराए पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। वैसे यात्री ना मिल पाने के कारण देश की पहली दो प्राइवेट ट्रेनों को आईआरसीटीसी ने बंद कर दिया है। ये ट्रेन 23 और 24 नवंबर से बंद हैं। आलम यह था कि दिल्ली-लखनऊ ट्रेन में तो केवल 25 फीसदी और अहमदाबाद-मुंबई ट्रेन में केवल 35 फीसदी ही यात्री सफर कर रहे थे। जबकि इन ट्रेनों को चलाने के लिए कम से कम 70 फीसदी यात्रियों का होना जरूरी है। दिल्ली से लखनऊ के बीच चलने वाली तेजस में 758 यात्रियों की बैठने की क्षमता है जबकि अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली तेजस में 736 यात्रियों की सीटिंग का इंतजाम है।

कोरोना के बाद यात्री हुए कम
आईआरसीटीसी ने 4 अक्टूबर, 2019 को शुरू की थी। इसके बाद अहमदाबाद-मुंबई-अहमदाबाद ने इस साल 19 जनवरी को अपनी यात्रा शुरू की थी। कोरोना के कारण लगभग 7 महीने तक निलंबित रहने के बाद, तेजस एक्सप्रेस ने 17 अक्टूबर से यात्रा फिर से शुरू की थी। कोरोना से पहले इसमें औसतन 50 से 80 फीसदी के बीच यात्री सफर करते थे जबकि यह अब सिमटकर 25 से 35 फीसदी के बीच ही रह गई है। ऐसे में इन ट्रेनों को चलाने की परिचालन लागत भी नहीं निकल आ रही थी। लेकिन अब आईआरसीटीसी दिल्ली से लखनऊ वाली तेजस को अयोध्या तक ले जाकर इसे फिर से पटरी पर लाना चाहती है।



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