National Farmers Day 2020: 28 दिन से डटे हैं किसान, राजनाथ सिंह बोले- किसानों का अहित नहीं होने देंगे

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नई दिल्ली।
नए कृषि कानूनों () के विरोध में पिछले 28 दिन से किसान आंदोलनरत हैं। सरकार और किसानों के बीच की तकरार खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। आज पूरा देश राष्ट्रीय किसान दिवस-2020 (National Farmers Day) मना रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। वहीं किसानों ने एलान किया है कि वे आज एक टाइम का खाना नहीं खाएंगे। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि किसान संगठन सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं या नहीं। सरकार के प्रस्ताव पर मंगलवार को किसान संगठनों की बैठक हुई थी, लेकिन वह बेनतीजा रही। वहीं नए कृषि कानूनों को वापस लेने की अपनी मांग मनवाने के लिए किसान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने की तैयारियां कर रहे हैं। कड़ाके की सर्दी में भी किसान () बॉर्डर पर जमे हुए हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा, “आशा है किसानों का आंदोलन जल्द खत्म होगा”
राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, ‘आज किसान दिवस के अवसर मैं देश के सभी अन्नदाताओं का अभिनंदन करता हूँ। उन्होंने देश को खाद्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है। कृषि क़ानूनों को लेकर कुछ किसान आंदोलनरत हैं। सरकार उनसे पूरी संवेदनशीलता के साथ बात कर रही है। मैं आशा करता हूँ कि वे जल्द ही अपने आंदोलन को वापिस लेगें।’

उन्होंने कहा चौधरी चरण सिंह चाहते थे कि देश के किसानों की आमदनी बढ़े, उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य मिले और किसानों का मान सम्मान सुरक्षित रहे। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी प्रेरणा से ही किसानों के हित में अनेक कदम उठा रहे हैं। किसानों का वे किसी सूरत में अहित नहीं होने देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री एवं देश के सबसे सम्मानित किसान नेताओं में अग्रणी, चौधरी चरण सिंह जी को उनकी जयंती के अवसर पर मैं स्मरण एवं नमन करता हूँ। चौधरी साहब आजीवन किसानों की समस्याओं को आवाज़ देते रहे और उनके कल्याण के लिए काम करते रहे। देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।

किसानों की स्थिति को सुधारने में चरण सिंह का अहम योगदान
देश के किसानों की स्थिति को सुधारने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने कई काम किए थे। उन्होंने संसद में किसानों की आवाज बुलंद की थी। इसी वजह से सरकार ने 2001 में उनके जन्मदिवस को ‘राष्‍ट्रीय किसान दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। उनका जन्म 23 दिसंबर 1902 को पश्चिमी यूपी के हापुड़ में हुआ था। जब गांधी जी ने नमक बनाने के लिए डांडी मार्च निकाला तब उन्होंने भी नमक कानून को तोड़ा था, जिसके लिए उन्हें कुछ महीनों के लिए जेल हुई थी।

किसान यूनियनों ने बुधवार तक टाला फैसला
ने फिर कहा क‍ि सरकार अभी भी प्रदर्शन कर रहे यूनियनों (Kisan Andolan) के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा जारी रखने की इच्छुक है। वहीं किसान यूनियनों ने मंगलवार को कहा कि आगे की बातचीत के लिए केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर फैसला बुधवार तक के लिए टाल दिया गया है।



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