Corona New Strain News: कोरोना का नया रूप कितना खतरनाक, क्या वैक्सीन का नहीं होगा असर, जानें सब

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ब्रिटेन के एक लैब में RT-PCR टेस्ट के दौरान कोरोना वायरस के इस खतरनाक स्ट्रेन का पता चला है। टेस्ट के दौरान पता चला कि यह वायरस पहले के कोविड-19 वायरस की तुलना में ज्यादा संक्रामक है और सुपर स्प्रेडर है। हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नए वायरस के कारण कोरोना की वैक्सीन के कम प्रभावकारी होने की उम्मीद नहीं है।

ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन (Coronavirus New Strain in Britain) ने इस जानलेवा वायरस को लेकर एकबार फिर पूरी दुनिया को सतर्क कर दिया है। अभी दुनिया कोरोना के पहले झटके से उबरने की कोशिश ही कर रही थी कि इस वायरस के नए रूप ने सबको डरा दिया है। भारत समेत कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाली फ्लाइट्स को बंद कर दिया है। नए रंग-रूप में आए इस वायरस पर अब पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों की नजर है।

Corona New Strain News: कोरोना का नया रूप कितना खतरनाक, क्या वैक्सीन का नहीं होगा असर, जानें सब

ब्रिटेन के एक लैब में RT-PCR टेस्ट के दौरान कोरोना वायरस के इस खतरनाक स्ट्रेन का पता चला है। टेस्ट के दौरान पता चला कि यह वायरस पहले के कोविड-19 वायरस की तुलना में ज्यादा संक्रामक है और सुपर स्प्रेडर है। हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नए वायरस के कारण कोरोना की वैक्सीन के कम प्रभावकारी होने की उम्मीद नहीं है।

ब्रिटेन में मिला नया स्ट्रेन, कई जगह पाबंदिया
ब्रिटेन में मिला नया स्ट्रेन, कई जगह पाबंदिया

कोरोना का नया स्ट्रेन ब्रिटेन में मिला है। शनिवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने नए स्‍ट्रेन की वजह से कई पाबंदियों की घोषणा कर दी। यूरोपियन यूनियन और भारत समेत दुनिया के कई अन्‍य देशों ने भी संक्रमण को रोकने के लिए फ्लाइट्स या तो बंद कर दी हैं या बेहद सीमित कर दी हैं। ब्रिटेन में तो फिर से लॉकडाउन का खतरा पैदा हो गया है। यही नहीं, कोरोना की वैक्सीन (Corona Vaccine News) की सफलता पर खतरा मंडराने लगा है।

बहुत तेजी से फैल रहा है कोरोना का नया स्ट्रेन
बहुत तेजी से फैल रहा है कोरोना का नया स्ट्रेन

कोरोना वायरस का यह नया रूप काफी तेजी से फैलने वाला है। शुरुआती जांच से पता चला है कि यह पहले वाले कोरोना वायरस से ज्यादा संक्रामक है। वैज्ञानिकों ने इस नए वायरस का नाम B.1.1.7. रखा है। अभी इस स्ट्रेन के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि यह वायरस 70% ज्यादा तेजी से फैलता है। यह आंकड़ा मॉडल के आधार पर है।

कहां और कैसे फैला
कहां और कैसे फैला

ब्रिटेन ने कोरोना के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए फाइजर की कोरोना वैक्सीन (Pfizer Corona Vaccine)के इस्तेमाल की आपात मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश बना था। इसी दौरान अधिकारियों को दक्षिणपूर्व ब्रिटेन और लंदन में कोरोना के तेजी से फैलने वाले एक वायरस का पता चला। इसके तुरंत बाद पाबंदियों में छूट की योजनाओं को रोक दिया गया। ब्रिटिश सरकार ने सख्त लॉकडाउन और लोगों को घरों में रहने की हिदायत जारी कर दी।

नया वायरस कितना खतरनाक?
नया वायरस कितना खतरनाक?

नए वायरस ने 20 से ज्यादा रूप बदला है और यह अभूतपूर्व है। हालांकि, वायरस का रूप बदलना कोई नई बात नहीं है। कोरोना वायरस महीने भर में एक या दो बार अपना रूप बदलता रहा है। हालांकि, कोरोना का पहले का नया रंग-रूप उतना ज्यादा संक्रामक नहीं था। यह स्ट्रेन इसलिए ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसके 8 रूप जीन में प्रोटीन बढ़ाने वाले हैं। लेकिन इसमें दो सबसे ज्यादा चिंता पैदा करने वाले हैं। पहला, N501Y रूप, इसके कारण वायरस और ज्यादा खतरनाक हो सकता है और शरीर के सेल्स पर हमला कर सकता है। दूसरा, H69/V70। यह रूप शरीर की इम्युन क्षमता को नुकसान पहुंचाने वाली है। डेटा के अनुसार, यह स्ट्रेन शायद ज्यादा तेजी से फैल रहा है और लोगों को ज्यादा बीमार बना सकता है।

क्या नए स्ट्रेन से वैक्सीन पर पड़ेगा असर?
क्या नए स्ट्रेन से वैक्सीन पर पड़ेगा असर?

कोरोना का नया स्ट्रेन इसलिए तेजी से फैल रहा है क्योंकि इसने कोरोनावायरस को बढ़ाने वाले प्रोटीन में बदलाव कर लिया है। इसके जरिए यह जानलेवा वायरस शरीर के स्वस्थ सेल्स में घुसपैठ करता है। फाइजर और मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन को अमेरिका और ब्रिटेन में आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिली है। इन वैक्सीन को कोरोना के प्रोटीन की पहचान कर शरीर में उसके खिलाफ ऐंटीबाडी बनाने के रूप में विकसित किया गया है। इससे वायरस शरीर के सेल्स को नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा। लेकिन अगर वायरस नए रूप में प्रोटीन में बदलाव करने की क्षमता हासिल कर लेंगे तो क्या ये वैक्सीन प्रभावी होंगे? विशेषज्ञों का कहना है कि तब भी यह वैक्सीन प्रभावी होगी क्योंकि यह बदलाव रेयर है। वायरस को इन्युनिटी से बचने के लिए जाना जाता है और वैक्सीन की ऐंटीबाडी से बचने के लिए जाना जाता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण, सीजनल फ्लू होता है। लेकिन वैक्सीन भी खुद को बदलाव के तहत खुद को अपडेट करती रही है। यानी वह वायरस में होने वाले बदलाव के बाद भी प्रभावकारी रहेगी। फाइजर और मॉडर्ना वैक्सीन के मामले में अच्छी खबर ये है कि यह सार्स CoV-2. जैसे वायरस में खुद में बदलाव ला सकती है।

क्यों रूप बदल रहा है यह वायरस?
क्यों रूप बदल रहा है यह वायरस?

वायरस अपने रूप को कॉपी कर खुद को बदलते रहता है। हालांकि, हर बार कॉपी एकसमान नहीं होता है और इस दौरान गलतियां होती रहती हैं। जो ज्यादा खतरनाक वायरस होते हैं उसके पास कथित तौर पर ‘प्रूफ रीडिंग’ की क्षमता होती है ताकि वह अपने प्रतिरूप को चेक कर पाए। हालांकि, RNA वायरस में यह मैकनिजम इतने अच्छे तरीके से विकसित नहीं होता है जैसाकि कि सार्स CoV-2 में है और यही कारण है कि यह वायरस लगातार रूप बदल रहा है।

कोरोना का नया स्ट्रेन कितना खतरनाक?
कोरोना का नया स्ट्रेन कितना खतरनाक?

कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन को खतरनाक माना जा रहा है। कोरोना के इस नए रूप ने विशेषज्ञों को टेंशन दे दी है। जांच के अनुसार, पाया गया है कि यह इम्युन सिस्टम पर भी हमला कर सकता है।



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