Republic Day 2023 की परेड में कर्तव्य पथ पर आत्मनिर्भर भारत की दिखेगी झलक

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आज गणतंत्र दिवस के खास मौका है जब दिल्ली के कर्तव्यपथ पर ना सिर्फ पूरा देश बल्कि पूरा विश्व भारत की ताकत को देखेगा। इस बार की परेड कई मायनों मे बेहद खास होने वाली है। इस बार परेड में आत्मनिर्भर भारत की झलक भी देखने को मिलेगी। इस गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार 21 तोपों की सलामी 105 mm आईएफजी स्वदेशी गन से दी जाएगी जो कि अब तक 25 पाउडर बंदूकों से दी जाती थी।
 
नौसेना का विमान होगा अंतिम बार शामिल
इस बार नौसेना का विमान आईएल-38 विमान भी शामिल होगा,जो कि परेड में अंतिम बार शामिल होने जा रहा है। इस विमान का कौशल परेड में अंतिम बार देखा जा सकेगा। खास बात है कि आईएल-38 विमान ने पूरे 46 वर्षों तक नौसेना में अपनी सेवाएं दी है। इस बार फ्लाई पास्ट में राफेल जेट, हल्केक हमलावर हेलीकॉप्टर समेत कई विमान हिस्सा देंगे।
 
अग्निवीर होंगे परेड का हिस्सा
ये पहला मौका है जब अग्निवीरों को भी परेड में शामिल किया गया है। परेड में 120 सदस्यों का मार्चिंग दस्ता भी होगा। गणतंत्र दिवस परेड में मिस्त्र के राष्ट्रपति के साथ मिस्त्र का 120 सदस्यीय मार्चिंग दस्ता भी परेड में शामिल होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगी।
 
परेड में पहली वार दिखेगा ड्रोन
बता दें कि इस बार परेड में पहली बार ऐसा ड्रोन शामिल होने वाला है जिसमें व्यक्ति भी उड़ान भरेगा। इस ड्रोन का नाम ‘वरुण’ है। ड्रोन का ट्रायल बीते साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुआ था।
 
इन उपकरणों को भी किया जाएगा शामिल
अधिकारियों ने बताया कि परेड के दौरान जिन सैन्य शस्त्रों को प्रदर्शित किया जाएगा, उनमें ‘मेड-इन-इंडिया’ उपकरण शामिल हैं जो आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाते हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, नाग मिसाइल सिस्टम (एनएएमआईएस) और के-9 वज्र को भी प्रदर्शित किया जाएगा। बयान के अनुसार  भारतीय नौसेना की टुकड़ी में लेफ्टिनेंट कमांडर दिशा अमृत के नेतृत्व में 144 युवा नाविक शामिल होंगे। पहली बार मार्च करने वाले दल में तीन महिलाएं और छह अग्निवीर शामिल हैं। बयान में कहा गया कि इसके बाद नौसेना की झांकी होगी, जो ‘इंडियन नेवी – कॉम्बैट रेडी, क्रेडिबल, कोहेसिव एंड फ्यूचर प्रूफ’ विषय पर आधारित है। यह भारतीय नौसेना की बहु-आयामी क्षमताओं, नारी शक्ति और आत्मनिर्भर भारत के तहत मुख्यत: स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए और निर्मित किए गए उपकरणों को प्रदर्शित करेगा।



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