Purvottar Lok: Arunachal Pradesh में सेनाध्यक्ष ने हालात की समीक्षा की, 3 राज्यों में चुनावी माहौल गर्माया, असम के कई निर्णय भी चर्चा में रहे

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नमस्कार, प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास साप्ताहिक कार्यक्रम पूर्वोत्तर लोक में आप सभी का स्वागत है। अरुणाचल प्रदेश में इस सप्ताह जहां सेनाध्यक्ष ने सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर हालात की समीक्षा की वहीं तीन राज्यों में चुनावों की गहमागहमी भी बढ़ चुकी है। इसके अलावा असम सरकार के कुछ महत्वपूर्ण निर्णय भी इस सप्ताह चर्चा का विषय बने रहे। आइये एक नजर डालते हैं इस सप्ताह पूर्वोत्तर क्षेत्र से आई बड़ी खबरों पर।
अरुणाचल प्रदेश
सबसे पहले बात करते हैं अरुणाचल प्रदेश की। तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सेना के बीच पिछले महीने झड़प के बाद अरुणाचल प्रदेश के पहले दौरे में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत की सैन्य तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। जनरल पांडे ने अपनी यात्रा के दौरान शेष अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ वास्तविक सीमा के साथ-साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कुछ अन्य चौकियों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में वरिष्ठ कमांडरों ने सेना प्रमुख को सीमावर्ती क्षेत्रों में समग्र सुरक्षा परिदृश्य के बारे में जानकारी दी। हम आपको बता दें कि जनरल पांडे ने 12 जनवरी को कहा था कि चीन के साथ सीमा पर स्थिति ‘‘स्थिर’’ लेकिन ‘‘अप्रत्याशित’’ है और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त रूप से भारतीय सैनिकों को तैनात किया गया है। पूर्वी लद्दाख के अलावा, भारतीय सेना अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में एलएसी के साथ बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के बाद, भारतीय सेना ने एलएसी के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र में भी अपनी परिचालन क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है।

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इसके अलावा सीबीआई ने राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में अरुणाचल प्रदेश में नौ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। एक बयान में कहा गया है कि छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने “मामले से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज और कागजात बरामद किए”। बयान में कहा गया है कि जांच दल ने अरुणाचल प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2016 के हस्तलिखित प्रश्न भी जब्त किए हैं। हम आपको बता दें कि केंद्रीय एजेंसी ने छह जनवरी को अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 2014 से आयोजित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के संबंध में मामला दर्ज किया था।
असम
असम से आई खबरों की बात करें तो पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को फिर से शुरू करने का दबाव बना रहे असम सरकार के कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वे आंदोलन तेज करेंगे। ऑल असम गवर्नमेंट एनपीएस एम्प्लॉइज एसोसिएशन के अध्यक्ष अच्युतानंद हजारिका ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम नयी पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना लाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार बार-बार आश्वासन देने के बाद भी हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अपने आंदोलन की अगली कड़ी के तहत हम एक फरवरी को ‘काला दिवस’ मनाएंगे और 10 फरवरी को एक दिवसीय हड़ताल करेंगे।’’
उधर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि भाजपा 2024 के लोकसभा चुनावों में राज्य में अपने प्रदर्शन में सुधार करेगी। हालांकि, उन्होंने यह अनुमान लगाने से इनकार कर दिया कि भाजपा कितनी सीटें जीत सकती है। हम आपको बता दें कि भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में 14 लोकसभा सीटों में से नौ पर जीत हासिल की थी, जो पूर्वोत्तर राज्य में उसका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वोत्तर में ऊर्जा क्षेत्र को हमेशा प्राथमिकता दी है। पुरी ने गुवाहाटी में ‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ से पहले आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता पूर्वोत्तर भारत को उच्च विकास के पथ पर ले जाना है और वह वहां के ऊर्जा क्षेत्र पर काफी जोर दे रहे हैं। हम आपको बता दें कि ‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ का बेंगलुरु में छह से आठ फरवरी तक आयोजन किया जाएगा।
इसके अलावा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने “शाहरुख खान कौन हैं” से “शाहरुख खान ने मुझे फोन किया” संबंधी बयान को लेकर हो रही आलोचनाओं पर स्पष्ट किया कि वह अभी भी अभिनेता के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं और बिरले ही फिल्में देखते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें हिंदी फिल्म उद्योग के बारे में बहुत कम जानकारी है। उन्होंने एक प्रेस सम्मेलन में कहा, “मैंने अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र और जितेंद्र की फिल्में देखी हैं। मैं अभी भी शाहरुख खान के बारे में ज्यादा नहीं जानता। 2001 से मैंने छह से सात फिल्में देखी हैं।”
इसके अलावा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि मंत्रिमंडल ने राज्य में 14 साल से कम उम्र की लड़कियों से शादी करने वाले पुरुषों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत मामला दर्ज करने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि असम में मातृ और शिशु मृत्यु की उच्च दर है तथा प्राथमिक कारण बाल विवाह है। हिमंत विश्व शर्मा ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य में औसतन 31 प्रतिशत शादियां ‘‘निषिद्ध उम्र’’ में होती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘14-18 वर्ष की आयु की लड़कियों से शादी करने वाले पुरुषों पर बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा और इस कानून के तहत उनके खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।’’
इसके अलावा, सरकार के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के चार महीने बाद ऑल आदिवासी नेशनल लिबरेशन आर्मी के 46 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने असम के सोनितपुर जिले में आत्मसमर्पण करने के साथ अपने हथियार डाल दिए। पूर्व उग्रवादियों ने ढेकियाजुली में आयोजित एक समारोह में जिला पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को हथियार सौंपे। इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) और पुलिस उपाधीक्षक (सीमा) भी मौजूद रहे।
इसके अलावा, यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए भारत की ओर से असम के चराइदेव जिले स्थित अहोम युग के ‘मोईदाम’ या मैदाम (शाही परिवार का कब्रिस्तान) का नाम भेजा जाएगा, जो देश की ओर से भेजा जाने वाला एकमात्र नामांकन होगा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी।
त्रिपुरा
उधर, त्रिपुरा से आई खबरों की बात करें तो राज्य में सार्वजनिक स्थानों से होर्डिंग और बैनर हटाने की मुहिम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक पोस्ट ‘‘विरूपित’’ करने के आरोप में सबरूम विधानसभा क्षेत्र के एक चुनाव अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव बनर्जी ने कहा कि पार्टी ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ या त्रिपुरा के विभाजन की टिपरा मोथा की मांग का समर्थन नहीं करती है। भारतीय जनता पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस पहले ही टिपरा मोथा सुप्रीमो प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा की ‘ग्रेटर टिपरालैंड’ या जातीय लोगों के लिए एक अलग राज्य की मांग को ठुकरा चुके हैं। तृणमूल कांग्रेस के त्रिपुरा प्रभारी राजीव बनर्जी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस ग्रेटर टिपरालैंड की मांग या छोटे राज्य के विभाजन के खिलाफ है, लेकिन जातीय लोगों को विशेष दर्जा देने पर बातचीत की जा सकती है।’’
इसके अलावा, त्रिपुरा में आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार का दावा करते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता माणिक सरकार ने मंगलवार को मतदाताओं से भाजपा की हार सुनिश्चित करने के लिए सावधानी से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की अपील की। हम आपको बता दें कि त्रिपुरा में 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए 16 फरवरी को मतदान होगा।
इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस त्रिपुरा के आगामी विधानसभा चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस के गठबंधन में शामिल नहीं होगी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी। तृणमूल कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष पीयूष कांति बिस्वास ने कहा कि तृणमूल प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी उम्मीदवारों के प्रचार के लिए छह फरवरी को त्रिपुरा पहुंचेंगी। बिस्वास ने कहा, ‘‘पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी प्रचार के लिए छह फरवरी को राज्य आएंगी और अगले दिन आयोजित होने वाले रोड शो में शामिल होंगी।’’
मेघालय
मेघालय से आई खबरों की बात करें तो राज्य में विपक्षी तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यदि वह राज्य में सत्ता में आती है, तो वह असम के साथ हुए सीमा समझौते को ‘रद्द’ कर देगी। टीएमसी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में यह बात कही। टीएमसी ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद के ‘स्थायी’ समाधान के लिए नए सिरे से सलाह-मशविरा और परामर्श शुरू किया जाएगा। हम आपको बता दें कि मेघालय में विधानसभा चुनाव 27 फरवरी को होने हैं और वोटों की गिनती दो मार्च को होगी। असम और मेघालय ने मार्च 2022 में 12 विवादित स्थानों में से छह स्थानों में अपने पांच दशक पुराने सीमा संकट को समाप्त करने का फैसला किया था।
इसके अलावा, मेघालय के मुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) प्रमुख कोनराड के. संगमा ने चुनाव से पहले पार्टियों द्वारा किए गए वादों को ‘‘ऋण जाल’’ करार देते हुए लोगों को ‘‘इस तरह के हथकंडों’’ से आगाह किया है। विपक्षी तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए संगमा ने कहा कि टीएमसी की नकद हस्तांतरण योजनाओं के कारण पश्चिम बंगाल का कर्ज पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है।
मिजोरम
मिजोरम से आई खबरों की बात करें तो असम के साथ जारी सीमा विवाद के मद्देनजर मिजोरम सरकार ने दावे वाले सीमावर्ती क्षेत्रों के बारे में प्रासंगिक जानकारी के अध्ययन और इसे एकत्र करने के लिए मिजोरम विश्वविद्यालय के एक विशेषज्ञ की अध्यक्षता में एक अध्ययन समूह का गठन किया है। हम आपको बता दें कि पिछले साल नवंबर में गुवाहाटी में मिजोरम और असम सरकार के बीच हुई वार्ता में लिए गए फैसले के परिणामस्वरूप इस अध्ययन समूह का गठन किया गया है।
मणिपुर
मणिपुर से आई खबर की बात करें तो राज्य के थौबाल जिले में एक भाजपा नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई जिसके बाद मुख्य आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। थौबाल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हाओबिजम जोगेशचंद्र ने बताया कि भाजपा की राज्य इकाई के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के संयोजक लैशराम रामेश्वर सिंह की सुबह क्षेत्री इलाके में उनके आवास के गेट के पास हत्या कर दी गई।
नगालैंड
नगालैंड से आई खबरों की बात करें तो राज्य विधानसभा चुनाव के लिए राज्य के दो सबसे बड़े राजनीतिक दलों नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच सीट बंटवारे को लेकर मतभेदों के कारण उनका चुनाव प्रचार शुरू नहीं हो पा रहा है। एनडीपीपी और भाजपा ने 2018 का विधानसभा चुनाव 40:20 के अनुपात में सीट बंटवारे के फॉर्मूला के साथ लड़ा था।
उधर, ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (ईएनपीओ) ने आगामी राज्य विधानसभा चुनाव में भाग नहीं लेने की घोषणा की है, लेकिन क्षेत्र के 20 मौजूदा विधायकों ने चुनाव लड़ने का फैसला किया है। ईस्टर्न नगालैंड लेजिसलेचर्स यूनियन का यह फैसला आपात बैठक में लिया गया।
– नीरज कुमार दुबे



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