कोलकाता में आईएसएफ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज: कई घायल, विधायक सहित 100 लोग गिरफ्तार

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कोलकाता। मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में विपक्षी इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) का विरोध प्रदर्शन शनिवार दोपहर बाद हिंसक हो गया और पुलिस के साथ हुईझड़प में कई पुलिसकर्मी और आईएसएफ के कार्यकर्ता घायल हो गए।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आईएसएफ के पश्चिम बंगाल विधानसभा में एकमात्र विधायक नौशाद सिद्दीकी और पार्टी के करीब 100 समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है।
दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों के खिलाफ आईएसएफ डोरिना क्रॉसिंग पर विरोध प्रदर्शन कर रहा था।
प्रदर्शनकारियों ने महत्वपूर्ण जवाहरलाल नेहरू रोड चौराहे के आसपास यातायात बाधित किया, जिसके बाद पुलिस ने उनसे जवाहरलाल नेहरू रोड को खाली करने और यातायात को बहाल करने का अनुरोध किया।

हालांकि, पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़क खाली करने से इनकार कर दिया और मांग की कि भांगर में उसके कार्यकर्ताओं पर हमले में शामिल अपराधियों को पहले गिरफ्तार किया जाए। पार्टी का गठन 2021 में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले हुआ था।
कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने कहा, ‘‘वे (प्रदर्शनकारी)अड़े थे और कहासुनी के बाद हमारे एक अधिकारी पर हमला कर दिया। हमारे अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और तबपार्टी कार्यकर्ताओं ने हमारे अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया।

हमें उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।’’
हाथापाई में कुछ अधिकारियों सहित कम से कम 19 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
गोयल ने एसएसकेएम अस्पताल में घायल पुलिसकर्मियों से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘घायलों का इलाज किया जा रहा है। कुछ एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि कुछ कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में हैं।’’
पुलिस कार्रवाई में घायल हुए आईएसएफ समर्थकों की संख्या का पता नहीं चल पाया है।
जैसे ही पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे लगभग 500 की संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारी पीछे हट गए, लेकिन पास की गलियों से पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के कियोस्क और रेलिंग को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
इलाके में आरएएफ और सशस्त्र पुलिसकर्मियों सहित बड़ी तादाद में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने सड़क को खाली कराया और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा, लेकिन कुछ देर तक पथराव की छिटपुट घटनाएं होती रहीं।
दुकानों के शटर नीचे कर छिपे हुए राहगीर हाथ उठाकर बाहर निकले।
विधायक को पहले हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। बैठक में शामिल होने के बाद भांगर लौट रहे कम से कम 100 आईएसएफ कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया।
सिद्दीकी ने अपनी नजरबंदी से पहले भांगर में पुलिस की ‘‘निष्क्रियता’’ और एस्प्लेनेड में ‘‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बलप्रयोग’’ की निंदा की।

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एक दिन पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर भांगर में आईएसएफ के पार्टी कार्यालयों में आग लगा दी थी। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने दावा किया कि आईएसएफ ने पिछले कुछ दिनों से हथियारबंद लोगों को लाकर और उनके समर्थकों पर हमला करके क्षेत्र में माहौल बिगाड़ने का काम किया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा आईएसएफ एकमात्र विपक्षी पार्टी है, जिसने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एक सीट जीती है। आईएसएफ की सहयोगी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा और कांग्रेस एक भी सीट हासिल करने में नाकाम रहे।
फरवरी 2021 में हुगली जिले के फुरफुरा शरीफ के एक प्रभावशाली मौलवी अब्बास सिद्दीकी ने इस पार्टी का गठन किया था।



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