भारत में वैज्ञानिक क्षमता थी लेकिन नेतृत्व की कमी थी, जो अब नहीं रही : मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ देश की लड़ाई पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में वैज्ञानिक क्षमता तो थी लेकिन नेतृत्व की कमी थी जो कि अब नहीं है।
चौहान ने यहां 8वें भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के अपने उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारत ने न केवल कोविड-19 रोधी टीकों का विकास किया बल्कि महामारी के दौरान 100 से अधिक देशों को उनका निर्यात भी किया।

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प्रदेश की राजधानी भोपाल में पहली बार हो रहे चार दिवसीय विज्ञान महोत्सव में देश के विभिन्न अंचल से आठ हजार से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस महोत्सव का मुख्य विषय ‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के साथ अमृत काल की ओर अग्रसर’ है।
चौहान ने कहा, ‘‘यदि वे टीके नहीं लगे होते तो हम आज यहां चेहरे पर मास्क पहन कर बैठे होते। हमारे पास वैज्ञानिक क्षमता तो थी लेकिन नेतृत्व की कमी थी जो अब नहीं है।’’

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उन्होंने कहा कि जिज्ञासा विज्ञान की जननी है और जिज्ञासा के बिना हमारा ज्ञान और योग्यता कुछ भी नहीं है। हमारे प्रधानमंत्री की सोच पूरी तरह वैज्ञानिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक वैभवशाली और शक्तिशाली भारत उभर रहा है। उन्होंने कहा कि देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा हो गया है।



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