बीकानेर-गुवाहटी एक्सप्रेस हादसा: रेलवे ने ऑन द स्पॉट दिया मुआवजा, पहली बार हुआ ऐसा

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नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में बीकानेर-गुवाहाटी एक्‍सप्रेस की 12 बोगियां पटरी से उतर गई। इस रेल हादसे में नौ लोगों की जान चली गई और 36 लोग घायल बताए जा रहे हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी अधिकारियों से मीटिंग कर पूरी घटना का जायजा लिया। रेल मंत्री मुआवजा का ऐलान किया। शायद ऐसा पहली बार हुआ होगा कि ऑन द स्पॉट मुआवजा दिया गया।

रेलवे से दिया मुआवजारेलवे ने गुरुवार को मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया था। जबकि गंभीर घायलों को 1 लाख रुपए और कम जख्मी यात्रियों को 25 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की बात कही थी। आज कम से कम समय में कम जख्मी 26 लोगों को 25 हजार-25 हजार रुपये दिए गए। गंभीर रुप से घायल 10 लोगों को 1-1 लाख रुपये दिए गए। 9 लोग जिनकी मौत हुई है उनके परिवारीजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिए गए हैं।

2 डिब्बे पटरी से उतर गएपश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के डोमोहानी इलाके में गुरुवार शाम गुवाहाटी-बीकानेर एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए। उन्होंने कहा, ‘यह एक दुखद घटना है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। एक वैधानिक जांच का आदेश पहले ही दिया जा चुका है। माननीय प्रधानमंत्री ने दुर्घटना में हुई मौत और घायल यात्रियों के बारे में चिंता व्यक्त की है और मैं लगातार प्रधानमंत्री के संपर्क में हूं। मैं भी हूं जमीनी स्थिति के लिए संपर्क में हूं और आज मैं दुर्घटना के मूल कारण का पता लगाने आया हूं। एक बार इसका पता चलने के बाद हम इसे सुलझाने की कोशिश करेंगे ताकि इसी तरह के कारणों से ऐसी कोई दुर्घटना न हो।’

नौ लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए। रेलवे के सूत्रों के मुताबिक 15 लोगों की हालत गंभीर है। उत्तर सीमांत रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘घायल लोगों को जलपाईगुड़ी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।’ इस बीच, बचाव अभियान समाप्त कर दिया गया है और पटरियों को साफ कर दिया गया है। दुर्घटना के बाद नौ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया, जिसमें गुवाहाटी-हावड़ा सरायघाट एक्सप्रेस, कामाख्या-आनंद विहार एक्सप्रेस, नई दिल्ली-अगरतला तेजस राजधानी एक्सप्रेस और त्रिवेंद्रम-सिलचर एक्सप्रेस और कंचनजंघा एक्सप्रेस शामिल हैं। बोर्ड पर कुल 1,200 यात्री थे, जिनमें से 700 जो बीकानेर से ट्रेन में चढ़े थे और 98 यात्री पटना जंक्शन से ट्रेन में चढ़े थे।



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