Makar Sankranti 2022 Wishes,Photos,: यूपी में खिचड़ी, एमपी में मकर संक्रांति तो दक्षिण भारत में पोंगल, त्योहार एक नाम अनेक

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नई दिल्ली
देशभर में मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है। लोग एक दूसरे को बधाई के साथ-साथ कोरोना से बचे रहने की बात कर रहे हैं। मकर संक्रांति का त्योहार देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। तमिलनाडु में इसी त्योहार को पोंगल के नाम से नाम से जाना जाता है। वहीं यूपी में इसको खिचड़ी के नाम से जाना जाता है। लोग इस दिन सुबह-सुबह में नदी का स्नान करके सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर खिचड़ी का प्रसाद खाते थे।

मकर संक्रांति का त्योहार उत्‍तरायण और पौष संक्रांत‍ि के नाम से भी जाना जाता है। मकर संक्रांति के दिन नदियों में स्नान करने की परंपरा भी है। इस दिन घर में नहाने के पानी में गंगा जल और काले तिल मिलाकर भी स्नान करने की भी परंपरा है। मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने की परंपरा है। 2022 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मनाया जा रहा है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य देव 14 जनवरी को दोपहर 02 बजकर 27 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे, इस दिन पुण्यकाल रहेगा।

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मकर संक्रांति संदेश मकर राशि पर सूर्य जब, आ जाते है आज!
उत्तरायणी पर्व का, हो जाता आगाज!!
कनकौआ की आपने, ऐसी भरी उड़ान!
आसमान मे हो गये, पंछी लहू लुहान!!
फिरकी फिरने लग गई, उड़ने लगी पतंग!
कनकअौं की छिड़ गई, आसमान मे जंग!!
अनुशासित हो कर लडें, लडनी हो जो जंग!
कहे डोर से आज फिर, उडती हुई पतंग!!
कहने को तो देश में, अलग अलग है प्रान्त!
कहीं कहें पोंगल इसे, कहे कहीं सक्रांत!!
उनका मेरा साथ है, जैसे डोर पतंग!
जीवन के आकाश मे, उडें हमेशा संग!!
मना लिया कल ही कहीं, कही मनायें आज!
त्योंहारो के हो गये, अब तो अलग मिजाज!!
त्योहारों में धुस गई, यहां कदाचित भ्राँति!
दो दिन तक चलती रहे, देखो अब संक्राँति!

सूरज ने मकर राशि में दाखिल होकर
मकर संक्रांति के आने की दी खबर
ईंटों के शहर में
आज बहुत याद आया अपना घर।
गन्ने के रस के उबाल से फैलती हर तरफ
सोंधी-सोंधी वो गुड की वो महँक
कूटे जाते हुए तिल का वो संगीत
साथ देते बेसुरे कंठों का वो सुरीला गीत।
गंगा स्नान और खिचड़ी का वो स्वाद,
रंगीन पतंगों से भरा आकाश
जोश भरी “वोक्काटा” की गूँज
सर्दियों को अलविदा कहने की धूम।
अब तुम्हारा साथ ही त्यौहार जैसा लगता है
तुम्हारे आँखों की चमक दीवाली जैसी
और प्यार के रंगों में होली दिखती है
तुम्हारे गालों का वो काला तिल
जब तुम्हारे होठों के गुड की मिठास में घुलता है
वही दिन मकर-संक्रांति का होता है!
वही दिन मकर-संक्रांति का होता है!!



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